अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सूचना जारी की गई है। इस आदेश में बताया गया है कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कमिश्नरेट क्षेत्र में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी धार्मिक स्थल, धार्मिक कार्यक्रम या किसी भी प्रकार के सार्वजनिक आयोजन में लाउडस्पीकर, साउंड सिस्टम या डीजे का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह फैसला इसीलिए लिया गया है ताकि रात के समय लोगों की शांति, बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों के आराम में किसी तरह की बाधा न पहुंचे और वे आराम से सो सकें। पुलिस ने कहा कि इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी पुलिस प्रशासन का कहना है कि कई बार धार्मिक आयोजनों, उत्सवों या निजी समारोहों में देर रात तक तेज आवाज में साउंड सिस्टम चलाए जाते हैं, जिससे आसपास के इलाकों में रहने वाली आबादी को गंभीर परेशानी होती है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार अमृतसर पुलिस ने इसे सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या ध्वनि उपकरण का इस्तेमाल दंडनीय अपराध कमिश्नरेट अमृतसर द्वारा धारा 163 BNS के तहत स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना किसी अनुमति के लाउडस्पीकर या ध्वनि उपकरण का इस्तेमाल दंडनीय अपराध माना जाएगा। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें ध्वनि उपकरणों की जब्ती और कानूनी कार्रवाई शामिल है। आदेश 16 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा यह आदेश 16 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा और पूरे अमृतसर शहर तथा ग्रामीण कमिश्नरेट क्षेत्र में लागू होगा। अमृतसर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस नियम का पालन करें और शांतिपूर्ण व व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग दें। पुलिस विभाग ने यह भी कहा है कि यह कदम लोगों की भलाई, सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सभी धार्मिक संस्थान, आयोजन समितियां और आम लोग इस आदेश को गंभीरता से लें और निर्धारित समय के बाद किसी भी प्रकार का शोर-शराबा न करें।