अवैध संबंध में पत्नी-बेटे ने कराई VIP नेता की हत्या:कामेश्वर सहनी ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था, शूटर ने खोला मर्डर का राज

मोतिहारी पुलिस ने VIP नेता कामेश्वर सहनी हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मृतक का सगा बड़ा बेटा, दूसरी पत्नी और शूटर शामिल हैं। रक्सौल SDPO मनीष आनंद ने बताया कि, कामेश्वर साहनी की हत्या की साजिश उनकी दूसरी पत्नी सोनी निषाद और बड़ा बेटा सावन ने शूटर विकास के साथ मिलकर रची। 21 नवंबर की सुबह कामेश्वर साहनी की उनके दरवाजे पर अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद एसपी विनय तिवारी ने रक्सौल SDPO के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस कांड का खुलासा किया है। आरोपी सावन बोला- विकास के साथ मिलकर करवाई हत्या जांच टीम ने सबसे पहले आदापुर थाना क्षेत्र से सहनी के शूटर विकास कुमार को गिरफ्तार किया। विकास ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि सावन ने हथियार उपलब्ध कराया था। इसके बाद पुलिस ने सावन को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया कि पिता मेरे साथ मारपीट करते थे। इसलिए उसकी हत्या की साजिश रचि। इसके बाद शैलेश सिंह के खास मन्नू से पिस्टल मांगी। शैलेश सिंह की कामेश्वर सहनी से तालाब को लेकर विवाद चल रहा था। इसके कारण उसने भी इस घटना को अंजाम देने में मदद की। सावन का सौतेली मां के साथ था अवैध संबंध पुलिस की कड़ी पूछताछ में सावन ने हत्या का असली कारण बताया। उसने खुलासा किया कि, मेरा अपनी सौतेली मां सोनी निषाद के साथ अवैध संबंध था। 15 नवंबर को दोनों पकड़े गए थे, जिसके बाद कामेश्वर साहनी ने मेरी जमकर पिटाई की। फिर घर से निकालने की धमकी दी। इसी के बाद हम विकास से मुलाकात की और पूरी घटना की योजना बनाई। पुलिस ने बताया कि विकास घटना से एक दिन पहले रात में ही सावन के पास आ गया था। विकास ने कामेश्वर सहनी को गोली मारने के बाद पिस्टल सावन को देकर मौके से फरार हो गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए सावन और अन्य आरोपी इधर-उधर भटकते रहे। सहनी के सिर में 4, सीने में 1 गोली मारी गई थी 21 नवंबर के अहले सुबह VIP नेता कामेश्वर साहनी की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। 5 गोलियां कामेश्वर सहनी को लगीं थी। सिर में 4 और सीने में एक गोली मारी गई थी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कामेश्वर साहनी रक्सौल संगठन के जिला प्रभारी भी थे।

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