अस्पतालों में लगेंगी सीटी स्कैन और एमआरआई की मशीनें टेंडर निकाले, इंडियन रेडियोलॉजिकल एसो. ने विरोध किया

राज्य सरकार ने पंजाब के 23 जिलों के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए एमआरआई और सीटी स्कैन सेंटर शुरू करने की तैयारी की है। इसके लिए गुरदासपुर, होशियारपुर, फिरोजपुर, बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, मालेरकोटला में क्लस्टर बनाकर टेंडर निकाले हैं, लेकिन इसका विरोध शुरू हो गया है। इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेंजिंग एसोसिएशन के मेंबरों ने लिखित में पंजाब सरकार से लिखित शिकायत की है। इसमें अवगत कराया कि ऐसा होने से पीसीपीएनडीटी एक्ट का सीधे तौर पर उल्लंघन होगा। सरकार ने 6 क्लस्टर बनाए… आईआरआईए के मेंबर बोले- एक्ट का उल्लंघन सरकार की अब सरकारी अस्पतालों में मरीजों को सस्ती दरों पर सीटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा देने की तैयारी है। इसके लिए 23 जिलों में सीटी स्कैन और एमआरआई की मशीनें लगेंगी। इसके लिए सरकार ने 6 क्लस्टर बनाए हैं। इसमें गुरदासपुर क्लस्टर में पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन के सिविल अस्पताल में एक-एक एमआरआई मशीन लगेगी और बटाला के सिविल अस्पताल सीटी स्कैन मशीन लगेगी। इसी तरह से होशियारपुर, एसबीएस नगर, कपूरथला के सिविल अस्पताल में एमआरआई मशीन लगेगी और दसूहा में सीटी स्कैन मशीन लगेगी। वहीं, फिरोजपुर, बरनाला, फतेहगढ़ साहिब समेत 6 क्लस्टर बनाए हैं। सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें लगेंगी। इसका मतलब है कि एक क्लस्टर में 1 रेडियॉलोजिस्ट रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी रहेगी। यहां रेडियोलॉजिस्ट टैली रिपोर्ट बनाकर देगा, जिसका इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन के मेंबरों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना कि ऐसा होने से सीधे पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन होगा, क्योंकि एक्ट में साफ है कि मरीजों की फिल्म को एक्सपोर्ट नहीं कर सकते हैं। एक्ट में एक सेंटर पर 1 रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर्स की ड्यूटी रहेगी और डाक्टर्स के नहीं होने पर मशीन का कमरा भी बंद होगा। टेंडर में एक क्लस्टर में 4 जिलों को शामिल किया है। इसका मतलब है कि 1 रेडियोलॉजिस्ट ही 4 जिलों की रिपोर्ट बनाएगा। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों का पीसीपीएनडीटी एक्ट में पंजीकरण होता है, इसलिए इन मशीनों पर भी एक्ट लागू होता है। इधर, आईआरआईए पंजाब के पूर्व प्रधान डॉ. मुकेश गुप्ता ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन और एमआरआई के लिए क्लस्टर बनाकर टेंडर निकाले गए हैं। इसके लिए आईआरआईए के मेंबरों ने राज्य सरकार से लिखित शिकायत की है। इसको लेकर जल्द ही प्रशासन से भी लिखित शिकायत की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *