प्रयागराज में बेटी मीनाक्षी की शादी में के करवरिया बंधु अपने जज्बात रोक नहीं सके। पूरा परिवार की वेडिंग नाइट से पहले शुरू हुई वैवाहिक रस्मों में जमकर थिरका। पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया ने स्टेज पर गाया- तुम हाथ पकड़ लो…दुनिया बदल सकता हूं…। बड़े भाई को देख छोटे भाई पूर्व विधायक उदयभान ने स्टेज संभाल लिया। उन्होंने ऐसा समा बांधा कि करवरिया परिवार के सभी सदस्य थिरकने लगे। परिवार के सदस्यों ने करवरिया बंधुओं को स्टेज पर परफार्म करता देख खूब हौसला आफजाई की। बसपा से पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया की बेटी मीनाक्षी करवरिया की शादी भाजपा नेता कलराज मिश्रा के रिश्तेदार डॉ. सिद्धान्त से 29 नवंबर को होनी है। डॉ. सिद्धान्त के पिता संजय कुमार त्रिपाठी अंबेडकरनगर के बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं। मीनाक्षी की शादी डॉ. सिद्धान्त से राज्यपाल कलराज मिश्रा के भतीजे हरेन्द्र मिश्रा ने तय कराई है। जिसकी तैयारियों के लिए करवरिया बंधुओं में बड़े भाई कपिल मुनि नैनी सेंट्रल जेल से 10 दिन की पैरोल और छोटे भाई एमएलसी सूरजभान शुक्रवार की दोपहर 4 बजे नैनी जेल से 4 दिन की पैरोल पर घर पहुंचे। अब करवरिया ग्रांड वेडिंग में क्या कुछ चल रहा है, दैनिक भास्कर के रिपोर्टर्स की आंखों देखी… कल्याणी देवी मोहल्ला के करवरिया कोठी में उत्सव जैसा माहौल है। घर का कोना कोना किसी हिन्दी फिल्म की वेडिंग सजावट जैसा ही दिखाई पड़ रहा है। घर में रंग रोगन से लेकर फूल पर्दे और मेहमानों के लिए लगाए जाने वाले सोफे खास रंग के है। शादी की परम्पराओं को विधि विधान से निभाने में व्यस्त परिवार की महिलाएं एक दूसरे के पैरो मे महावर लगाकर एक दूसरे का शृंगार कर रही है। विवाह गीत से महिलाएं एक दूसरे से हंसी ठिठोली करती दिखीं। इसी बीच देवर पूर्व विधायक उदयभान ने अपनी भाभी कल्पना करवरिया को छेड़ने का मौका नहीं गंवाया। भाभी कल्पना का हाथ पकड़कर उन्हें अपने साथ लेकर हमारे कैमरे के करीब आ गए। पूर्व विधायक ने खुद दैनिक भास्कर का माइक हाथ में लेकर भाभी से सवाल जवाब कर उन्हें छेड़ने लगे। इस दौरान भाभी कल्पना देवर की हरकत से सकुचाई शरमाई से नज़र आई। माइक पर उन्होंने कुछ बोला तो नहीं लेकिन बिना बोले ही देवर से अपनी बात नज़र के इशारे में कहकर दूसरे कमरे में चली गईं। देवर भाई की इस ठिठोली को देख परिवार की दूसरी महिलाएं खिलखिलाकर हंस पड़ीं। इसके बाद हम परिवार के मुखिया पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया के कमरे में पहुंचे। जहां पूर्व सांसद अपने पिता स्व वशिष्ठ नारायण करवरिया की बड़ी से तस्वीर के ठीक नीचे खानदानी कुर्सी पर बैठे थे। उनके आसपास रिश्तेदार परिवार व नातेदार अलग अलग सोफे पर बैठे दिखाई पड़े। यही हमने पूर्व विधायक उदयभान करवरिया से शादी की रस्मों के बारे में बातचीत की। पूर्व विधायक उदयभान बताते है कि भतीजी मीनाक्षी की शादी को यादगार बनाने में वह कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इसके लिए परिवार से पैतृक गांव से लेकर अपने उन करीबी लोगों को न्योता दिया है जो उनके परिवार के हर सुख दुख में अपने जी-जान से लगे रहते हैं। वहीं कार्यकर्ता ही उनके परिवार के लिए सही मायने के वीवीआईपी हैं। दुल्हन मीनाक्षी करवरिया ने बताया- उनकी शादी को लेकर बहने साक्षी, समृद्धी, प्रतिभा दीदी, गरिमा जो खुद डिजाइनर हैं। जिन्होंने मेरी शादी की सारा काम वही कर रही हैं। परिवार के सबसे छोटे सदस्य नेवान मिश्रा ने कहा शादी को लेकर परिवार के साथ बहुत इक्साइटेड हूं। स्कूल से मैंने लीव ले रखी है अपनी मासियों के साथ खूब इंज्वाय कर रहा हूं। अब पढ़िए हल्दी मेंहदी की रस्म में परिवार का मस्त मौला अंदाज…. वेडिंग नाइट्स में गुरुवार शुक्रवार की रात हल्दी मेंहदी के रस्में निभाई गईं। सबसे पहले हल्दी की रस्म की शुरुआत पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया और मां कल्पना करवरिया ने बेटी मीनाक्षी को हल्दी लगा कर की। इसके बाद चाचा उदयभान व अन्य परिवार के सदस्यों भाई भाभी एवं बहनों ने दुल्हन को हल्दी लगाकर खूब मौज मस्ती की। रस्मों के बीच संगीत के साज पर बैठे कलाकार मनोज तिवारी ने गीतों का समा बांधा तो दुल्हन के चाचा उदयभान स्टेज पर चढ़ गए। हाथ में माइक थामकर किशोर दा का गाया हुआ गाना … ये शाम मस्तानी मदहोश किए जाए, कोई डोर मुझे खींचे तेरी ओर लिए जाय… इस गाने को सुनकर खुद दुल्हन मीनाक्षी खड़ी होकर चाचा के गाने का हौसला आफजाई करने को तालियां बजाने लगीं। इसके बाद दुल्हन को संबोधित कर उन्होंने गाया बिटिया रानी बनेगी दुल्हनियां, सज के आएंगे दूल्हे राजा ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया। अब स्टेज पर संगीत का समा बांधने दुल्हन मीनाक्षी के पिता पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया पहुंचे। उन्होंने हाथ मे माइक पकड़ा तो पूरा परिवार सम्मान के साथ टकटकी लगा कर स्टेज की तरफ निहारने लगा। उन्होंने मेरे जीवन साथी’ फिल्म का गाना जो किशोर दा की आवाज में है…. तुम जो पकड़ लो हाथ मेरा, दुनिया बदल सकता हूं मैं…. के बोल गाकर न सिर्फ परिवार को एकजुटता का संदेश दिया बल्कि राजनैतिक महत्वाकांक्षा की तरफ भी इशारा किया। ………………………
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जज बनने से पहले महजबीन को मार दिया;बरेली में मां बोली-बेटी ने कहा था ऑटोमैटिक कार दे दो, नहीं तो घर नहीं बचेगा मेरी बेटी जज बनना चाहती थी, मगर उसको मार डाला। वो कहते थे कि ऑटोमैटिक कार चाहिए। वैगनआर कार देने की हमारी कूवत थी। 23 नवंबर को आखिरी बार बेटी का कॉल आया, वो बहुत परेशान थी, बार-बार यहीं कहती रही कि इन लोगों को कार दे दो, तभी मेरा घर बचेगा। पढ़िए पूरी खबर