कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन हो गया। वे 81 साल के थे। जायसवाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शुक्रवार शाम अचानक तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें कानपुर के कार्डियोलॉजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे हार्ट की बीमारी से परेशान थे श्रीप्रकाश के निधन की पुष्टि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने की। पूर्व मंत्री का पार्थिव शरीर लालबंगला पोखरपुर स्थित आवास पर लाया गया है। निधन की खबर पाकर लोग उनके आवास पहुंच रहे हैं। श्रीप्रकाश के निधन की पुष्टि कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने की। पूर्व मंत्री का पार्थिव शरीर लालबंगला पोखरपुर स्थित आवास पर लाया गया है। निधन की खबर पाकर लोग उनके आवास पहुंच रहे हैं। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया- शुक्रवार शाम श्रीप्रकाश जायसवाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें किदवई नगर स्थित नर्सिंग होम लाया गया था। यहां से कार्डियोलॉजी अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो चुकी थी। श्रीप्रकाश जायसवाल यूपी में कानपुर लोकसभा क्षेत्र से 3 बार सांसद रहे। 2009 से 2014 के बीच वह केंद्रीय कोयला मंत्री थे, जबकि 2004 से 2009 तक गृह राज्यमंत्री रहे। महापौर से की थी राजनीति की शुरुआत
श्रीप्रकाश जायसवाल का जन्म 25 सितंबर 1944 को कानपुर में हुआ था। स्कूली शिक्षा बीएनएसडी इंटर कॉलेज, कानपुर से पूरी की। 28 अप्रैल 1967 को उनका विवाह माया रानी जायसवाल से हुआ। उनके दो बेटे सिद्धार्थ जायसवाल और गौरव जायसवाल, एक बेटी और दो पोते हैं। सिद्धार्थ जायसवाल कनाडा में रहते हैं। श्रीप्रकाश जायसवाल ने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में कानपुर शहर के महापौर के रूप में की। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। जायसवाल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत स्थानीय स्तर से की। वे शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त सचिव तक रहे। 1996, 2004 तथा 2009 में लगातार सांसद चुने गए। मनमोहन सरकार ने 2004 में उन्हें गृह राज्य मंत्री बनाया था। 2009 में उन्हें राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और कोयला तथा सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन का दोहरा प्रभार सौंपा गया। 2014 के लोकसभा चुनाव में वे अपनी सीट हार गए। भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने उन्हें हराया था। विवादों से भी नाता रहा… बात 2012 की है। कानपुर के एक गर्ल्स कॉलेज में कवि सम्मेलन था। श्रीप्रकाश जायसवाल बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा- नई नई जीत और नई नई पत्नी का जश्न सब मनाते हैं। जैसे जैसे समय बीतेगा, जीत पुरानी होती जाती है, जैसे जैसे समय बीतता है पत्नी पुरानी होती जाती है, वो मजा नहीं रहता है। इस बयान पर श्रीप्रकाश जायसवाल की खूब आलोचना हुई। कानपुर में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए। उस वक्त स्मृति ईरानी भाजपा महिला प्रकोष्ठ की कार्यकर्ता थीं। उन्होंने कहा था-ऐसे नेता का मंत्री पद पर बने रहना देश की बेइज्जती है। मैं प्रधानमंत्री से मांग करती हूं कि वो तुरंत श्रीप्रकाश जायसवाल को मंत्री पद से हटाएं। भाजपा भी इस बात का कड़ा विरोध करती है। श्रीप्रकाश जायसवाल के निधन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….