करोड़ों रुपयों की जमीन के सौदे ने एक जिंदगी को हमेशा के लिए दफन कर दिया। किशनगंज में दिघलबैंक थाना क्षेत्र के हलदावन गांव के 40 साल के महबूब आलम का सड़ा-गला और गला रेता हुआ शव शुक्रवार सुबह धनतोला पंचायत के पिपला-मुलाबाड़ी गांव में एक पुराने शीशम के बागान के बीचों-बीच दफन अवस्था में बरामद किया गया। शव मिलने की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर हजारों की भीड़ जमा हो गई। 20 सितंबर से थे लापता, पत्नी ने 14 अक्टूबर को दर्ज कराई थी FIR महबूब आलम 20 सितंबर 2025 को सुबह अपने घर से दालकोला (उत्तर दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल) जमीन का सौदा करने की बात कहकर निकले थे। उनके साथ उनकी पत्नी जोसनारा खातून का छोटा भाई और उसके तीन दोस्त भी थे। रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई पता नहीं चला। 14 अक्टूबर को जोसनारा खातून ने दिघलबैंक थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ गुमशुदगी की FIR दर्ज कराई थी। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार थानाध्यक्ष बिपिन कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी जांच और गुप्त सूत्रों के आधार पर गुरुवार देर रात एक आरोपी को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ के बाद उसने पूरी साजिश उगल दी। इसके बाद बाकी तीन आरोपियों को भी दबोच लिया गया। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे आरोपियों की निशानदेही पर पिपला-मुलाबाड़ी के खेतों के बीच शीशम के बागान में खुदाई की गई। मिट्टी हटाते ही बदबू फैल गई और फिर मिला महबूब आलम का सड़ा-गला शव। गला पूरी तरह कटा हुआ था और सिर पर भारी वस्तु से वार के निशान थे। मौत का पूरा प्लान, करोड़ों की जमीन थी असली वजह पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है: महबूब आलम दालकोला में करीब 2-3 करोड़ की जमीन खरीद-बिक्री का सौदा फाइनल करने जा रहे थे। उनकी पत्नी का छोटा भाई और उसके तीन दोस्त इस सौदे में हिस्सा चाहते थे। लौटते वक्त 20 सितंबर की रात गोपालपुर के पास गाड़ी में ही महबूब पर लोहे की रॉड से सिर पर वार किया गया। इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई। रातों-रात शव को पिपला-मुलाबाड़ी लाकर खेत में गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। बाहर से मिट्टी डालकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी। शव को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया शव को पोस्टमॉर्टम के बाद फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस सभी चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। जल्द ही कोर्ट में पेश कर रिमांड ली जाएगी। इलाके में दहशत, लोगों में गुस्सा शव मिलने की सूचना मिलते ही हलदावन, पिपला, मुलाबाड़ी, धनतोला सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों में भारी आक्रोश है। कई लोगों ने तुरंत न्याय की मांग की है।दिघलबैंक थानाध्यक्ष बिपिन कुमार ने बताया, “मामला अत्यंत संवेदनशील है। चारों आरोपी गिरफ्तार हैं। पूरा नेटवर्क खंगाला जा रहा है। जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।”परिजन अभी सदमे में हैं। महबूब आलम के तीन छोटे-छोटे बच्चे बार-बार अपने पिता को पुकार रहे हैं। एक जिंदगी करोड़ों के लालच में हमेशा के लिए मिट्टी के नीचे दब गई।