हिमाचल विधानसभा के विंटर सेशन में सरकार ने बताया कि केंद्र ने बीते तीन सालों के दौरान डिजास्टर से निपटने के लिए 3451.43 करोड़ रुपए दिए हैं, जबकि 769 करोड़ 82 लाख राज्य सरकार ने जारी किए। यह सवाल कांग्रेस विधायक कुलदीप राठौर, केवल सिंह, बीजेपी एमएलए जेआर कटवाल और दीपराज ने पूछा था। सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 9 सितंबर को हिमाचल आए थे। उन्होंने 1500 करोड़ रुपए के स्पेशल पैकेज की घोषणा की थी। मगर अब तक यह बजट नहीं आया। सदन में जब यह सवाल पूछे जा रहे थे तो उस दौरान विपक्ष सदन के भीतर हंगामा कर रहा था। इसी वजह से सुबह के वक्त सदन की कार्यवाही 10 मिनट को स्थगित करनी पड़ी। तपोवन, धर्मशाला में शुक्रवार को सदन के भीतर और बाहर खूब हंगामा हुआ। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायक दल ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार को कर्मचारी विरोधी बताया। इसी दौरान कांग्रेस विधायक दल ने भी PM मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपए का स्पेशल पैकेज नहीं मिलने पर आक्रोश रैली निकाली। विधानसभा गेट पर कांग्रेस-भाजपा ने एक साथ प्रदर्शन किया। जयराम बोले- कटोरा लेकर भीख मांग रही सरकार वहीं, बीजेपी ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के मेडिकल बिलों का भुगतान, एरियर, लीव एनकेशमेंट, ग्रेच्युटी और डीए नहीं दे रही। रिटायर कर्मचारियों को पेंशन और उनके देय वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे। इससे कर्मचारी और पेंशनर मायूस है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ने कहा- सुक्खू सरकार द्वारा रिकार्ड कर्ज लेने के बावजूद कर्मचारी-पेंशनर को वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे। जयराम ने कहा- कांग्रेस सरकार कटोरा लेकर भीख मांग रही है। उन्होंने कहा- पीएम ने जो घोषणा कर रखी है, वो मदद हिमाचल को जरूर मिलेगी। RSS पर मंत्री की टिप्पणी पर विपक्ष नाराज मंत्री जगत सिंह नेगी के आरएसएस पर आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज विपक्ष शुक्रवार को एक बार फिर वेल में पहुंच गया और जमकर नारेबाजी की। विपक्षी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से मांग करते हुए कहा कि नेगी के बयान तत्काल प्रभाव से कार्यवाही से हटाए जाएं। वजीर राम सिंह पठानिया को स्वतंत्रता सेनानी घोषित करने का प्रस्ताव पास सदन में आज प्राइवेट मेंबर डे पर कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानियां और केवल सिंह पठानियां ने संकल्प लिया, जिसमें वजीर राम सिंह पठानियां को आजादी के शुरुआती स्वतंत्रता सेनानी घोषित करने व केंद्र सरकार से इस संबंध में सिफारिश करने की मांग की गई। कांग्रेस विधायकों के इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कर केंद्र को भेजा गया। वजीर राम सिंह पठानिया हिमाचल के कांगड़ा क्षेत्र (तत्कालीन नूरपुर/कोटला) के एक बहादुर राजपूत योद्धा, कोटला राज्य के वजीर और अंग्रेजों के खिलाफ सबसे शुरुआती सशस्त्र विद्रोहियों में से एक थे। उन्हें कई इतिहासकार 1857 से पहले के प्रथम स्वतंत्रता सेनानियों में गिनते हैं। वजीर राम सिंह पठानिया कौन थे? गिरफ्तारी और बलिदान