चंडीगढ़ में सोमवार को प्रशासन ने चंडीगढ़ क्लब परिसर में अवैध रूप से बने मैरिज पैलेस पर बड़ी कार्रवाई की है। इससे पहले दो बार अतिक्रमण हटाया गया था, लेकिन दूसरी कार्रवाई के दौरान चंडीगढ़ क्लब को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से स्टे मिल गया था। प्रशासन ने कोर्ट के निर्देशों के तहत मैरिज पैलेस को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान एसडीएम नवीन रत्तू, एसडीएम खुशप्रीत कौर, तहसीलदार विनय चौधरी, तहसीलदार अवतार जंगू, इंस्पेक्टर स्टेट ऑफिस कल्याण सिंह, इंस्पेक्टर अनिल शर्मा समेत पुलिस और प्रशासनिक टीमें मौके पर मौजूद रहीं। एस्टेट ऑफिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस 8.5 एकड़ जमीन पर बने चंडीगढ़ क्लब के अंदर और बाहर के इलाके में बिल्डिंग वॉयलेशन पाए गए हैं। 32 संरचनाएं ऐसी बनाई गई थीं जो पूरी तरह बिल्डिंग वॉयलेशन के दायरे में आती हैं। इसके अलावा क्लब के कई रेस्टोरेंट, हॉल, किचन, मैरिज पैलेस के लिए बनाए गए स्पेस, बार और ऑफिस संरचनाओं में भी बदलाव किए गए हैं, जो बिल्डिंग नियमों के खिलाफ हैं। पता लगते ही पहुंचे अधिकारी पता चला है कि चंडीगढ़ क्लब में रात में कोई फंक्शन था। इसका पता प्रशासन की टीम को देर रात चला। इसके बाद सुबह तड़के प्रशासन की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। वहां जाकर पाया गया कि जिस अवैध निर्माण को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा था, वहीं पर टेंट लगाकर फंक्शन किया गया था। इसके बाद प्रशासन कार्रवाई शुरू की। इस दौरान जेसीबी मशीन और काफी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। टीम ने अंदर रखा सारा सामान उठा लिया। इसको जब्त करने के बाद प्रशासन जेसीबी से तोड़ने की कार्रवाई शुरू की 5 एकड़ जमीन का विवाद: मानकों का भी उल्लंघन नियमों को पालन करने को दी नोटिस ऐसे में नई लीज डीड एग्जिक्यूट करने से पहले एस्टेट ऑफिस ने क्लब प्रबंधन को अपनी वॉयलेशन को दूर करने के लिए कहा है। अगर क्लब प्रबंधन स्वयं वॉयलेशन दूर नहीं करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। बिल्डिंग वॉयलेशन हटाने के बाद क्लब प्रबंधन को नए सिरे से अपना रिवाइज नक्शा बिल्डिंग ब्रांच व एरिया एसडीओ को जमा कराना होगा। यदि नया नक्शा नियमों के अनुरूप पाया गया, तभी प्रशासन क्लब प्रबंधन के साथ नई लीज डीड एग्जिक्यूट करेगा।