चंडीगढ़ पुलिस में सर्विस के दौरान आपका रिकॉर्ड पूरी तरह बेदाग होगा, तभी आप मेडल के हकदार बन सकते हैं। पुलिस हेड क्वार्टर ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि गणतंत्र दिवस–2026 पर दिए जाने वाले एडमिनिस्ट्रेटर पुलिस मेडल के लिए योग्य पुलिसकर्मियों के नाम भेजे जाएं। इसके लिए जारी सर्कुलर में साफ बताया गया है कि जिन अफसरों और कर्मचारियों ने मेरिटोरियस सर्विस या डिस्टींग्विश्ड सर्विस मेडल के लिए तय नियम पूरे कर लिए हैं, वे अपने फॉर्म जमा करें। फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 20 दिसंबर है। रिकॉर्ड होना चाहिए बेदाग चंडीगढ़ पुलिस में मेरिटोरियस सर्विस मेडल के लिए उम्मीदवार की सेवा रिकॉर्ड का पूरी तरह बेदाग होना जरूरी है। इसके अनुसार उम्मीदवार की सेवा 1 जनवरी तक 15 साल पूरी होनी चाहिए। इस पूरी अवधि में उसे किसी भी प्रकार की बड़ी सज़ा नहीं मिली हो और उसकी ईमानदारी पर कभी कोई सवाल न उठा हो। पिछले 15 साल में उम्मीदवार को छोटी से छोटी सज़ा भी नहीं मिली हो, जैसे सेंशर तक नहीं। साथ ही उसका नाम किसी विभागीय जांच या आपराधिक केस में न आया हो। विजिलेंस की जांच में भी वह पूरी तरह से सही पाया गया हो। जो पुलिसकर्मी ये सभी शर्तें पूरी करते हैं, उन्हें ही मेरिटोरियस सर्विस मेडल के लिए योग्य माना जाता है। विभागीय जांच या आपराधिक मामल दर्ज न हो चंडीगढ़ पुलिस में डिस्टींग्विश्ड सर्विस मेडल पाने के लिए अधिकारी की पूरी सेवा बेहतरीन और बिना किसी दाग के होनी चाहिए। यह मेडल उन्हीं को दिया जाता है, जिन्होंने पहले मेरिटोरियस सर्विस मेडल प्राप्त किया हो और उसे मिले कम से कम तीन साल का समय पूरा हो चुका हो। उम्मीदवार ने चंडीगढ़ पुलिस में 20 साल की सेवा पूरी की हो और इन 20 सालों में उसके खिलाफ कोई भी बड़ी सज़ा दर्ज न हुई हो—तभी वह इस मेडल के लिए योग्य माना जाता है। अधिकारी की ईमानदारी पर कभी कोई शक न हुआ हो और पूरे 20 साल की सेवा में उसे छोटी से छोटी सज़ा भी न मिली हो, जैसे चेतावनी तक न दी गई हो। साथ ही, उसका नाम किसी विभागीय जांच या आपराधिक मामले में शामिल न हो—तभी उसे डिस्टींग्विश्ड सर्विस मेडल के लिए योग्य माना जाता है।