पंजाब के फिरोजपुर में एक पति-पत्नी सामूहिक विवाह समारोह में दोबारा शादी करने पहुंच गए। समारोह में शादी करने वालों को सोफा, अलमारी और कपड़े दिए जा रहे थे। इसकी के लालच में दोनों ने समारोह में लावां भी ले ली। लेकिन सामान मिलने से पहले ही गांव के सरपंच के बेटे ने उन्हें पहचान लिया। समारोह का आयोजन कराने वाली संस्था के सदस्यों ने बताया कि संदेह के बाद दोनों की जांच की गई। इसके बाद उन्हें कार्यक्रम से बाहर निकाल दिया गया। दोनों ने झूठी जानकारी देकर सामूहिक विवाह के लिए आवेदन किया था। सिलसिलेवार पढ़िए क्या है पूरा मामला… प्रबंधक बोले- रजिस्ट्रेशन में गलत जानकारी दी कार्यक्रम के मुख्य प्रबंधक ने कहा कि कार्यक्रम में संस्था की ओर से दंपतियों को सोफा, बेड, अलमारी और कपड़े भी दिए जाते हैं। कई बार रजिस्ट्रेशन करते समय कुछ लोग गलत जानकारियां दे देते हैं। हांलाकि जांच के बाद ही जोड़ों को विवाह के लिए चयनित किया जाता है, लेकिन इस मामले में दंपती ने झूठ बोलकर व्यवस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश की। दूसरी बार शादी करवाना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।