धर्मशाला स्मार्ट सिटी-भूमिगत केबलिंग में शॉर्ट सर्किट का खतरा:100 करोड़ रु के प्रोजेक्ट में फंड का विवाद, टेलीकॉम केबल से बढ़ा जोखिम

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में धर्मशाला स्मार्ट सिटी में 100 करोड़ से अधिक की भूमिगत केबलिंग परियोजना फंड के विवाद व तकनीकी खामियों से अधर में लटकी है। बिजली लाइनों के लिए बने डक्ट्स में टेलीकॉम और पानी की पाइपें डालने से शॉर्टसर्किट का खतरा बढ़ गया है। केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी कार्यों की 31 दिसंबर 2025 तक अंतिम समय सीमा तय की है, लेकिन धर्मशाला में जिस तरह फंड विवाद और अवैज्ञानिक कार्य चल रहा है, उससे यह डेडलाइन पर काम पूरा होना मुश्किल है। अभी ₹93.06 करोड़ की HT/LT भूमिगत केबलिंग और ₹13 करोड़ की स्मार्ट मीटरिंग सहित 100 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं या तो ठप हैं या अधूरी हैं। विवादों में अटकी योजना नगर निगम धर्मशाला क्षेत्र में बिजली लाइनों को भूमिगत का कार्य धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्रबंधन और राज्य बिजली बोर्ड (HPSEBL) के बीच विवाद का कारण बन गया है। 66.8 करोड़ रुपए की इस प्रमुख परियोजना का उद्देश्य शहर के ऊपर बिछे हाई टेंशन (HT) और लो टेंशन (LT) बिजली के तारों के जाल को हटाकर उन्हें भूमिगत करना था। बजट न मिलने से देरी इसका अनुमानित व्यय 93.06 करोड़ है। बिजली बोर्ड के धर्मशाला के अधिशासी अभियंता विकास ठाकुर के अनुसार, स्मार्ट सिटी प्रबंधन से अभी तक करीब 3.71 करोड़ रुपए नहीं मिला है। फंड की कमी से काम में देरी हो रही है। परियोजना में चूक: पानी की डक्ट में डाल दी केबिलें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *