पंचकूला में हरियाणा पुलिस का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पंचकूला में चोरी की एफआईआर दर्ज करवाने गई एक महिला को पुलिस ने पहले चोरी साबित करने को कहा। बार-बार थाने के चक्कर काटने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो आखिरकार डीजीपी हरियाणा के आदेश पर मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब जांच की बात कह रही है। रिश्तेदार पर लगाया चोरी का आरोप पंचकूला के सकेतड़ी निवासी महिला मधु ने बताया कि 3 अगस्त को उसके पति का मौसेरा भाई सियाराम उनके घर आया था। उसने बताया कि उस पर एक लाख रुपये का कर्ज है और लोग उसे परेशान कर रहे हैं, इसलिए कुछ दिन घर पर रहने दिया जाए। मधु के पति कुलदीप ने उसे मायके छोड़ दिया और सियाराम 16 अगस्त तक उनके घर पर रहा। कैश और जेवर लेकर फरार हुआ आरोपी 16 अगस्त की रात जब कुलदीप अपनी पत्नी को मायके से लेने गया, उसी दौरान सियाराम ने घर में रखी गुल्लक से 6 हजार रुपए नकद, अलमारी से दोनों कानों के टॉप्स, कुलदीप की सोने की अंगूठी और एक मोबाइल फोन चोरी कर लिया। 18 अगस्त को जब सामान गायब मिला तो दंपती ने तुरंत मनसा देवी थाना में शिकायत दी, लेकिन पुलिसकर्मी गुलाब ने इसे “घर का मामला” बताकर लौटा दिया। पुलिस ने कहा – बैठकर निपटा लो 20 अगस्त को महिला दोबारा थाने पहुंची तो बताया गया कि गुलाब का ट्रांसफर हो गया है और अब केस सतीश देखेगा। सतीश ने भी यह कहकर शिकायत दर्ज करने से मना कर दिया कि यह रिश्तेदारी का मामला है, आपस में बैठकर बात कर लो। अगर आरोपी सामान वापस नहीं करता, तब शिकायत देना। तीसरी बार पहुंची तो कहा – पहले साबित करो 22 अगस्त को महिला फिर थाने पहुंची तो बताया गया कि अब केस संजीव देखेगा। उसने शिकायत दर्ज तो कर ली, लेकिन बाद में कहा कि पहले साबित करो कि चोरी सियाराम ने ही की है, तभी कार्रवाई होगी। इस दौरान आरोपी ने महिला और उसके पति के फोन उठाने बंद कर दिए। DGP के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर लगातार अनदेखी के बाद महिला ने मामला DGP हरियाणा तक पहुंचाया। आदेश मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और चोरी की एफआईआर दर्ज की। जांच जारी : SHO थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की शिकायत पर जांच की जा रही थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी को जांच में शामिल किया गया है। SHO के अनुसार, आरोपी पीड़ित के घर पर रहा था, लेकिन चोरी किए गए सामान को लेकर जांच अभी जारी है।