पंजाब में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) स्टार्ट होने से पहले ही वोटर सूचियों में गड़बड़ी का ट्रेलर दिखने लगा है। प्री-SIR में अब तक 1.80 करोड़ वोटर्स की जांच हो चुकी है, जिसमें से 37 लाख वोटर्स के वोटर कार्ड में गलतियां पकड़ी गई हैं। हालात ये हैं कि प्रदेश में हर 5 में से एक वोटर के वोटर कार्ड में कोई न कोई गलतियां मिल रही हैं। इलेक्शन स्टाफ का सॉफ्टवेयर इन वोटरों को संदिग्ध की कैटेगिरी में डाल रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि 2003 की सूची को सॉफ्टवेयर मैपिंग के लिए उठा रहा है। इसी सूची में डेट आफ बर्थ, नाम-पते की गलतियां हैं। इलेक्शन ऑफिस से मिलने संभावित आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा गलतियां अमृतसर में मिल रही हैं। दूसरे नंबर पर मोहाली है। इसके अलावा जालंधर, लुधियाना और पटियाला जैसे जिलों में 20% से ज्यादा वोटर कार्डों में गलतियां मिल रही हैं। पंजाब में कुल 2.18 करोड़ वोटर हैं। वोटर कार्डों में किस तरह की गलतियां मिल रहीं
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), पंजाब के दफ्तर के एक अधिकारी के अनुसार प्री-SIR प्रक्रिया में जुटे अफसरों के मुताबिक इनमें कई तरह की गलतियां मिल रही हैं। कुछ वोटरों में माता-पिता और बच्चे के बीच महज 15 साल का अंतर है। दादा-दादी/नाना-नानी और पोते-पोती/नाती-नातिन की उम्र के बीच 40 साल से कम के अंतर की शामिल हैं। इसके अलावा स्पेलिंग मिसटेक और एड्रेस की भी गलतियां हैं। संदिग्ध पाए गए वोटर्स का आगे क्या होगा?
CEO पंजाब ऑफिस के एक अफसर के मुताबिक इलेक्शन सॉफ्टवेयर जिन वोटर्स को संदिग्ध करार दे रहा है, इनके घर-घर जाकर वैरिफाई किया जा रहा है। अगर किसी का वोट ठीक है तो प्रूफ लेकर उसमें सुधार किया जा रहा है। राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने भी कहा कि स्टाफ बूथ-स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से सभी गलतियों को फिजिकली देख रहा है और उन्हें ठीक कर रहा है। फाइनल सूची में भी नाम न होने पर क्या होगा
जालंधर के इलेक्शन तहसीलदार सुखदेव सिंह ने कहा कि अगर किसी वोटर का नाम फाइनल सूची में भी नहीं होगा तो उसे नोटिस जारी कर 7 दिन का टाइम दिया जाएगा। उसके बाद इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) मौखिक आदेश जारी करेगा। यदि कोई आदेश से सहमत नहीं है, तो वे जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) के पास अपील कर सकता है। अगर फिर भी संतुष्ट नहीं होता तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पास अपील कर सकता है। SIR कब से जारी होगा
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर SIR जून में शुरू होगा। इस दौरान 15 जून को अफसरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद 25 जून से प्रक्रिया शुरू होगी। बूथ लेवल अफसर यानी BLO फॉर्म भरवाने के लिए घर-घर जाएंगे। इसके बाद अंतिम वोटर सूची 1 अक्टूबर को जारी होगी। जानिए आखिर SIR मकसद क्या है…?
1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।