पंजाब सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब, तलवंडी साबो और अमृतसर की पुरानी वॉल्ड सिटी को आधिकारिक तौर पर ‘पवित्र शहर’ घोषित कर दिया। पंजाब का विशेष विधानसभा सत्र चंडीगढ़ से बाहर पहली बार श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित किया गया। जहां तीनों तख्तों वाले इन शहरों में शराब, मांस और तंबाकू सहित सभी नशीले पदार्थों की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पारित हुआ। सरकार का दावा है कि यह फैसला संगत की लंबे समय से उठ रही मांग को पूरा करता है और अब इन शहरों में सफाई, सुरक्षा, विकास व धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी। आइए जानते हैं इन शहरों में क्या क्या बदलेगा और किन चीजों पर पूरी तरह रोक रहेगी। क्या-क्या बदलेगा
पवित्र शहर घोषित होने के बाद इन इलाकों में सफाई व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक कंट्रोल को बेहतर बनाया जाएगा। ऐतिहासिक गलियों और धार्मिक मार्गों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा तथा अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। शासन अब इन शहरों को सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर फोकस करेगा। इन गतिविधियों पर रोक रहेगी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पवित्र शहरों में अब शराब, मांसाहारी चीजें, तंबाकू और नशीले पदार्थों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले आयोजनों, पोस्टरों या गतिविधियों पर भी रोक लगेगी। इसके अलावा कचरा फैलाने, अव्यवस्थित पार्किंग और भीड़ बढ़ाने वाले व्यवहार पर भी सख्ती होगी। कहां मिलेगी छूट
दैनिक जरूरतों से जुड़ी सेवाओं जैसे फल-सब्ज़ी, दूध, अनाज और जरूरी सामान की दुकानों पर किसी तरह की रोक नहीं होगी। धार्मिक कार्यक्रमों, संगत के आने-जाने और स्थानीय निवासियों की सामान्य दिनचर्या पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। जनता को आवश्यक सेवाएं पहले की तरह उपलब्ध रहेंगी और आवागमन पर भी कोई विशेष पाबंदी नहीं लगेगी।