पंजाब के सीएम भगवंत मान ने रोहतक के लाखनमाजरा ब्लॉक में बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी के घर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी खेल के मैदान में जाते हैं और उनके शव घर लौटते हैं। सीएम ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय खेल मंत्री से इन घटनाओं का संज्ञान लेने की अपील की। सीएम मान ने हार्दिक राठी की मौत को एक दुखद घटना बताया। राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक का चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हो गया था और उन्हें कुछ दिनों बाद खेलने जाना था। अभ्यास के दौरान बास्केटबॉल पोल गिरने से उनकी मौत हो गई। भगवंत मान ने कहा कि इस घटना से पूरे देश के खिलाड़ी स्तब्ध हैं। उन्होंने बहादुरगढ़ में भी ऐसी ही एक घटना का जिक्र किया, जिसमें घटिया सामग्री के प्रयोग के कारण हादसा हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खिलाड़ी मैदान में जाते हैं और उनकी लाश घर आती है, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसी घटनाएं युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेंगी। सीएम ने बताया कि लाखनमाजरा गांव में 47 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बास्केटबॉल खिलाड़ी हैं। अब उनके परिवारों को चिंता है कि उनका बच्चा खेलने तो गया है, लेकिन क्या वह सुरक्षित वापस आएगा। उन्होंने दोहराया कि देश के खेल मंत्री और प्रधानमंत्री को इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। 2030 में कॉमनवेल्थ की मिली हुई जिम्मेदारी सीएम भगवंत मान ने कहा कि भारत को 2030 में कॉमनवेल्थ खेलों की जिम्मेदारी मिली हुई है। पिछले कॉमनवेल्थ में देश की किरकिरी हुई थी। बहुत सारी खामियां देखने को मिली थी। क्या खेलों की इस प्रकार की सुविधाओं के साथ हम विश्वगुरु बनने के लायक हैं। 3 दिन में बॉस्केटबॉल के 2 खिलाड़ी हमने खो दिए, जो दुखद है। पंजाब की बजाय हरियाणा की बात करें सीएम भगवंत मान ने कहा कि वह खेल प्रेमी होने के नाते हार्दिक के घर शोक प्रकट करने आए हैं। पंजाब की बात करने की बजाय हरियाणा की बात करें। हरियाणा की खेल नीति अच्छी होगी, लेकिन उसका परिणाम क्या निकल रहा है। चोट व खिलाड़ी एकसाथ चलते हैं। लेकिन इस प्रकार के हादसे नहीं होने चाहिए। केंद्रीय खेल मंत्री को हर राज्य से लेनी चाहिए रिपोर्ट सीएम भगवंत मान ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री को हर राज्य के खेल मंत्री से स्टेडियमों की हालत को लेकर रिपोर्ट लेनी चाहिए। पंजाब में वह खुद खेल मंत्री है। उनसे भी रिपोर्ट केंद्र को मांगनी चाहिए। हरियाणा सरकार ने भले ही परिवार की आर्थिक मदद की होगी, लेकिन क्या उससे वह बच्चा वापस आ जाएगा। ग्राउंड में जाने को तैयार नहीं अन्य खिलाड़ी सीएम भगवंत मान ने कहा कि हार्दिक के साथ प्रैक्टिस करने वाले अन्य खिलाड़ियों का मनोबल टूट गया है और वो ग्राउंड में जाने को तैयार नहीं है। खिलाड़ियों ने स्टेडियम को लेकर सरकार के नाम चिट्ठी भी लिखी हुई है। एमपी फंड का पैसा भी आया है, लेकिन कहां गया, इसकी जांच होनी चाहिए। परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी व आर्थिक मदद देने की मांग सीएम भगवंत मान ने हरियाणा सरकार से हार्दिक के परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही सभी स्टेडियमों की रिपोर्ट लेकर सुविधाएं देने की मांग की। हार्दिक के परिवार ने भी यही मांग की है कि कोई ओर खिलाड़ी इस प्रकार के हादसे का शिकार ना हो, इसके लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए।