हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम व पंचकूला से कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन ने हरियाणा सरकार और प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार पुनर्वास योजना के तहत गरीबों को फ्लैट आवंटित नहीं करती तब तक इंदिरा कॉलोनी, राजीव कॉलोनी सहित पंचकूला की अन्य कॉलोनियों को अपने राजनीतिक द्वेष के कारण हटाने की हिमाकत ना करे। चंद्रमोहन ने कहा कि यदि सरकार ने इन कॉलोनी को हटाने की कोशिश की तो सरकार एवं प्रशासन के विरुद्ध हाईकोर्ट में अवमानना का मामला दायर करेंगे। इंदिरा-राजीव कॉलोनी को हटा सकती है सरकार चंद्रमोहन ने कहा की जिस प्रकार से वर्तमान बीजेपी की सरकार गरीबों को बेघर करने की कार्रवाई कर रही है। आशंका है कि सरकार इंदिरा कॉलोनी और राजीव कॉलोनी को भी हटाने की कार्रवाई कर सकती है। हाल ही में सरकार ने स्लम फ्री अभियान के तहत कुछ गरीबों की झोपड़ियां और उनके मकानों को तोड़कर हजारों लोगों को बेघर किया है। चंद्रमोहन ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा के कार्यकाल के दौरान पंचकूला शहर की 12 कॉलोनीयों को सेक्टर 20, 26 और 28 में आशियाना बनाकर कई फ्लैट दिए गए थे, लेकिन वर्तमान बीजेपी सरकार ने पिछले 11 वर्ष में गरीबों के पुनर्वास की योजना पर कोई काम नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट दे चुके हैं आदेश पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश कर रखे है कि जब तक इंदिरा कॉलोनी, राजीव कॉलोनी के झुग्गी झोपड़ी वासियों को पुनर्वास योजना के तहत आवास आवंटित न किए जाएं, तब तक इन कॉलोनियों को न हटाया जाए। साल 1994 में तत्कालीन कांग्रेस की भजनलाल सरकार ने उपरोक्त कॉलोनी की पुनर्वास योजना बनाई थी, लेकिन 30 साल बाद भी अब तक की सरकारों ने उस योजना को अमली जामा नहीं पहनाया है। अब जानिए क्या है पूरा मामला..