किशनगंज में 2 महीन से लापता उर्दू टीचर का शव गड्ढे में दफनाया हुआ मिला है। मृतक की पहचान महबूब आलम के रूप में हुई है। महबूब 21 सितंबर से लापता था। पुलिस उसे लगातार खोज रही थी। इस मामले में पुलिस 3 लोगों को अरेस्ट किया है। इन तीनों की निशानदेही पर ही शुक्रवार को गड्ढा खोदकर शव निकाला गया है। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए संपत्ति की लालच में कराई गई हत्या पुलिस ने बताया कि टीचर की हत्या का मुख्य आरोपी उसका साला है, जो वर्तमान में फरार है और ओमान में छिपा हुआ है। मृतक की पश्चिम बंगाल के दालकोला क्षेत्र में करोड़ों की संपत्ति है, जिसकी लालच में यह हत्या कराई गई। मृतक की हत्या घटनास्थल से करीब 35 किलोमीटर पहले गोपालपुर के आसपास कर दी गई और यहां शव को लाकर दफना दिया। बॉडी पूरी कंकाल बन चुकी थी, कद-काठी से हुई पहचान शिक्षक को करीब 7 फीट चौड़ा और 6-7 फीट गहरा गड्ढा खोदकर दफनाया गया था। पुलिस के पहुंचने के बाद बॉडी को फावड़े से खोदकर बाहर निकाला गया। लाश पूरी तरह से कंकाल बन चुकी थी। ये जगह खेतों के बीच में थी। पुलिस सूत्रों की माने तो हत्या 30 से 40 दिन पहले ही कर दी गई है। पूरी प्लानिंग के साथ की गई है। क्राइम सीन दूसरा है जहां शिक्षक की हत्या हुई। इसके बाद यहां लाकर गाड़ दिया गया है। हत्याकांड में 3 से 4 लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है। मृतक के जीजा नवाजुद्दीन ने बताया कि, महबूब आलम 21 सिंतबर को स्कूल गया था, लेकिन वो घर नहीं लौटा। हमलोगों ने उसे खोजने की कोशिश की। उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद रिश्तेदारों ने पूछताछ की गई। उसके बाद हमलोगों ने थाने में शिकायत की। 14 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। उसके अपने लोगों ने ही हत्या की है। पुलिस ने 3 लोगों को पकड़ा है। तीनों उसके जानने वाले ही हैं। तीनों उसके ससुराल के आसपास के रहने वाले हैं। हत्या की पीछे जमीन ही वजह होगी। उसकी पत्नी और ससुराल वाले उसे टॉर्चर करते थे। घटना की जानकारी मिलने के बाद SDPO मंगलेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि, महबूब आलम की लाश उसके ससुराल के इलाके में ही मिली है। इस अभी तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। शक के घेरे में पत्नी और ससुराल वाले हैं। ————– ये खबर भी पढ़िए… खगड़िया में बीजेपी नेता को अपराधियों ने मारी गोली:बुलेट लगने के बाद पत्नी को फोन कर कहा, बचा लो; बदमाशों ने पहले से की थी प्लानिंग खगड़िया में बीजेपी नेता दिलीप कुमार को अपराधियों ने शुक्रवार को गोली मार दी। बुलेट लगते ही वो जमीन पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों के मुताबिक अपराधियों ने अचानक उन पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली उनके सीने के पास जाकर लगी। गोली लगने के बाद उन्होंने अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि मुझे किसी ने गोली मार दी है। जल्दी आओ मुझे बचा लो। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सदर अस्पताल, खगड़िया पहुंचाया गया। दिलीप कुमार बिशनपुर मोड़ के पास स्थित त्रिभुवन टोला पुलिया से गुजर रहे थे तभी अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। वो किसी काम से घर से निकले थे। पूरी खबर पढ़िए