समस्तीपुर शहर के भूईधारा आदर्श नगर में ठाकुर समाज के बैनर तले 8 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। कथा के दौरान आज 5वें दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा से पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया गया। कथावाचक चित्रकूट से आए आचार्य शिवदीप शास्त्री ने कथा से लोगों को बताया कि कर्म नहीं करने पर फल नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि जिस तरह से वृंदावन में वर्षा नहीं हो रही थी तो बताया गया कि इंद्रदेव नाराज चल रहे हैं, इंद्र की पूजा से भगवान प्रसन्न हो जाएंगे और बारिश होगी, लेकिन भगवान कृष्ण ने लोगों को गोवर्धन पर्वत की पूजा करने को कहा, चुकी अगर घना जंगल होगा पेड़-पौधे होंगे पर्यावरण शुद्ध होगा तो समय पर बारिश होगी। हमें पूजा-अर्चना के साथ ही कर्म भी करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि जीवन मिला है तो मरण भी मिलेगा। मरणोपरांत मृत शरीर को जलाने में लकड़ियों का उपयोग होता है, तो लोग कम से कम उतना पेड़ अवश्य लगावें। जितना पेड़ उनके मित्र शरीर को जलाने में खर्च होगा। जीवन में उत्साह बनाए रखने की जरूरत इस मौके पर उन्होंने आज रुक्मणी विवाह का भी चित्रण कर लोगों को बताया कि जीवन में उमंग का होना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि गोपी साधना की सीढ़ी है। जीवन में शांति और स्थिरता के लिए खुश रहना भी बहुत जरूरी है। इसके लिए जीवन में उत्साह बनाए रखने की जरूरत है। दूर-दूर से पहुंच रहे हैं लोग इस भागवत कथा में शहर के काशीपुर भुईधारा के अलावा आसपास के इलाके के लोग भी बड़ी संख्या में कथा सुनने के लिए पहुंच रहे हैं, जिसमें महिलाओं की भीड़ भी अच्छी खासी देखी जा रही है। शनिवार को कृष्ण सुदामा के चरित्र का वर्णन होगा। अगले दिन हवन के साथ यज्ञ की समाप्ति भी की जाएगी।