भास्कर न्यूज | कटिहार शादी का मौसम शुरू होते ही पारंपरिक रस्म-रिवाज़ों की रौनक भी चरम पर पहुंच गई है। इन्हीं परंपराओं में शामिल है लड़के वालों की ओर से दिया जाने वाला शगुन का डाला। जिसे शादी की शुभता और पूर्णता का प्रतीक माना जाता है। बांस से बने इस विशेष डाले में शगुन की सामग्री सजाकर भेजी जाती है और इसे न देने पर रस्म अधूरी मानी जाती है। शादी सीजन के आते ही डाला बनाने वाले कारीगर एक महीने पहले से ही अपने पूरे परिवार के साथ रात-दिन जुट जाते हैं। एक डाला तैयार करने में लगभग दो दिन लगते है और इसकी कीमत 500 से 800 रुपये तक रहती है। कटिहार में बने इन डालों की मांग इतनी है कि आसपास के जिलों से भी लोग खरीदने पहुंचते हैं।