हरियाणा ग्रीवांस कमेटी का फीडबैक-अफसर लापरवाह:CM के गृह और विज के बिजली विभाग की ज्यादा शिकायतें; फाइल लटका रहे, काम में देरी

हरियाणा के सभी जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समितियों (ग्रीवांस कमेटी) के मेंबरों की पहली फीडबैक रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच गई है। इस रिपोर्ट में 5 विभागों की रिपोर्ट बेहद खराब आई है। इनमें CM नायब सैनी के गृह विभाग (पुलिस), विपुल गोयल के राजस्व विभाग और अनिल विज के बिजली विभाग के बारे में सबसे खराब फीडबैक आया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इन विभागों के कुछ अफसर लोगों की समस्याओं को निपटाने के लिए गंभीर नहीं है। साथ ही फाइलों को बेवजह लटकाते रहते हैं। हालांकि, इन अफसरों के नामों को सरकार की ओर से गोपनीय रखा गया है, लेकिन सरकार जल्द ही ऐसे अफसरों और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है। सीएम नायब सैनी ने सीएमओ के अधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं कि ऐसे अफसरों, कर्मचारियों के बारे में फीडबैक लें और उनकी प्रॉपर्टी की भी जांच करवाएं। यदि ऐसा होता है तो सरकार इन अफसरों किसी दूसरी जगह पोस्टिंग दे सकती है। यहां पढ़ते हैं कि सरकार ने क्यों लिया ये फैसला… 1. ग्राउंड के खराब फीडबैक आने से बनाई रणनीति
हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सैनी और संगठन के बीच सीएम आवास में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में कुछ इलाकों से यह फीडबैक आया था कि कुछ अफसर जानबूझकर आमजन के कार्यों को लटका रहे हैं। इसके बाद बैठक में ये फैसला लिया गया था कि ग्रीवांस कमेटी के मेंबर इन विभागों और अधिकारियों पर नजर रखेंगे। 2. ग्रीवांस कमेटी मेंबरों को ये दिया गया है काम
ग्रीवांस कमेटी के मेंबर इस फीडबैक में ये देख रहे हैं कि अफसर लोगों की समस्या की सुनवाई करते हैं या नहीं, या फिर उन्हें अपने काम के लिए कितना इंतजार करवा रहे हैं। यही नहीं, किसी अधिकारी या कर्मचारी की वजह से उनके कार्य में देरी हो रही है, या उनके कार्य को बेवजह लटकाया जा रहा है। इन सभी समस्याओं पर कमेटी मेंबर नजर रख रहे हैं। यहां पढ़ते हैं पहली फीडबैक रिपोर्ट में क्या…
सरकार के पास पहुंची पहली ग्रीवांस कमेटी के मेंबरों की रिपोर्ट में पांच विभागों के अधिकारियों का फीडबैक दिया गया है। इसमें सीएम नायब सैनी के गृह विभाग, अनिल विज के ऊर्जा विभाग, श्याम सिंह राणा के कृषि विभाग, आरती राव के स्वास्थ्य विभाग और विपुल गोयल के राजस्व विभाग के अफसरों के नाम शामिल हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें सीएम नायब सैनी के होम डिपार्टमेंट के अंतर्गत आने वाले पुलिस विभाग की आई हैं। किस विभाग में कितने अफसरों की लापरवाही की शिकायतें
पुलिस डिपार्टमेंट में 33 ऐसे अफसर हैं, जिनका नाम रिपोर्ट में दिया गया है। भाजपा सरकार के तीसरे टर्म में ये महकमा मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद देख रहे हैं, इससे पहले मनोहर लाल की सरकार में अनिल विज के पास ये विभाग था। विपुल गोयल के रेवेन्यू डिपार्टमेंट में 32 अफसरों की लापरवाही सामने आई है। इन विभागों के अलावा श्याम सिंह राणा के कृषि विभाग में 29, अनिल विज के ऊर्जा विभाग में 27 और आरती राव के स्वास्थ्य विभाग में 17 ऐसे अफसर-कर्मचारियों के नाम हैं, जो लोगों के काम करने में देरी कर रहे हैं और फाइलों को अटका रहे हैं। ग्रीवांस कमेटी के बारे में यहां जानिए… हरियाणा सरकार ने जून में 64 भाजपा कार्यकर्ताओं को जिला ग्रीवांस कमेटियों का सदस्य बनाया है। आमतौर पर हर जिले में प्रभारी मंत्री ग्रीवांस कमेटी की मासिक बैठक लेता है। यह कमेटी ऐसे मामलों पर सुनवाई करती है, जिनमें आमतौर पर अफसर या विभाग सुनवाई नहीं करते। अकसर ग्रीवांस कमेटी में अनिल विज का सख्त रवैया रहता है। कृष्ण बेदी भी कई बार फटकार लगा चुके हैं। इन समितियों का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों को सुनना और उनका निवारण करना है। जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा संचालित “CM विंडो” पोर्टल के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। शिकायत कैसे दर्ज करें ऑनलाइन: आप https:// Grievance .edish.gov.in/ Grievance Grievance .edish.gov.in/ Grievance या http://hppa.haryana.gov.in.en2hi.search.translate.goog/register-grievance.html hppa.haryana.gov.in.en2hi.search.translate.goog/register-grievance.html जैसे ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। ऑफलाइन: आप सीधे डीसी कार्यालय, पंचकूला या अपने संबंधित तहसील के एसडीएम कार्यालय में जाकर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा में सीनियर कर्मचारियों की सैलरी स्टेपिंग-अप:CS ने नए निर्देश जारी किए; बोले-अधिकारी वित्तीय शक्तियां री-डेलीगेट करने में कर रहे लापरवाही हरियाणा सरकार ने वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन-एसीपीएल को कनिष्ठ कर्मचारियों के बराबर स्टेपिंग-अप किए जाने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के सम्बन्ध में महत्त्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, वित्तीय शक्तियां री-डेलीगेट करने से जुड़े पीएफआर वाल्यूम-1 के नियम 19.1 के नीचे नोट 5 के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की गई है। (पूरी खबर पढ़ें)

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