हरियाणा के नूंह में एक मुस्लिम पंचों के बहुमत वाली ग्राम पंचायत में हिंदू महिला निशा चौहान को सरपंच चुना गया है। 15 पंचों वाली ग्राम पंचायत में निशा अकेली हिंदू पंच हैं, बाकी सभी पंच मुस्लिम हैं। यह गांव सिरौली आबादी के लिहाज से भी मुस्लिम बाहुल्य है। साढ़े 3 हजार की आबादी वाले इस गांव में हिंदुओं की संख्या महज 250 है। इसको लेकर गांव के लोगों और पंचों का कहना है कि एक हिंदू महिला को नेतृत्व सौंपना आपसी भाईचारे का उदाहरण है। गांव में सरपंच का यह पद एक महीने से खाली पड़ा था। पहली सरपंच को DC ने बर्खास्त कर दिया था। वहीं दूसरी सरपंच के काम न करने की वजह से पंचों ने ही अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटा दिया था। नई सरपंच निशा चौहान से जब पूछा गया कि गांव में मुस्लिम ज्यादा हैं और पंच भी बाकी सारे मुस्लिम हैं, इसको लेकर परेशानी नहीं होगी तो निशा ने कहा- मुस्लिमों के साथ हमारा भाईचारा अच्छा है। गांव में हिंदू-मुस्लिम को लेकर कोई भेदभाव नहीं है। अब जानिए निशा के सरपंच बनने का सफर… 2023 में गांव की महिला सरपंच को किया गया था बर्खास्त
1 फरवरी 2023 को तत्कालीन DC धीरेंद्र खड़गटा ने सिरौली गांव की महिला सरपंच सहाना को बर्खास्त कर दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर सरपंच का चुनाव लड़ा। इसकी शिकायत हुई तो जांच में आरोप सही पाए गए। सरपंच और स्कूल प्रशासन के विरुद्ध मामला भी दर्ज कराया गया था। इस कार्रवाई के बाद गांव के विकास कार्य रुक गए थे। ग्रामीणों ने अधिकारियों से इस समस्या के समाधान की मांग की थी। रुकसीना को सौंपी गई जिम्मेदारी, नहीं दिखाई कार्यों में दिलचस्पी
ग्रामीणों की मांग पर कार्यवाहक सरपंच का चयन करने के आदेश अधिकारियों की ओर से मिले। इसके बाद ग्राम पंचायत के सदस्यों ने कार्यवाहक सरपंच के रूप में वार्ड-4 की पंचायत सदस्य रुकसीना को चुना। लेकिन, उन्होंने विकास कार्य कराने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इससे पंचायत सदस्यों में रोष पैदा होने लगा। करीब 1 साल के कार्यकाल के दौरान पंचायत सदस्यों ने कार्य से असंतुष्ट होकर अविश्वास प्रस्ताव लाकर रुकसीना को हटा दिया। गांव में 15 पंचायत सदस्य, 10 ने निशा पर जताया भरोसा
पुन्हाना के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी शमशेर सिंह ने बताया कि इसके बाद 1 महीने तक सरपंच का पद खाली पड़ा था। ग्राम पंचायत में 15 सदस्य हैं। एक पंचायत सदस्य ने इस्तीफा दिया हुआ है, जिसके बाद कुल 14 पंच हैं। बुधवार को कार्यवाहक सरपंच के चुनाव में 10 पंचों ने वार्ड नंबर-8 की सदस्य निशा को अपना समर्थन दिया। इसके बाद निशा को कार्यवाहक सरपंच के रूप में चुना गया। 14 सदस्यों में मात्र एक हिंदू महिला सदस्य
मेवात मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है। यहां करीब 70 प्रतिशत मुस्लिम तो 30 प्रतिशत हिन्दू आबादी है। गांव सिरौली में कुल वोट 3,500 हैं, जिनमें हिंदू वोट केवल 250 हैं। इसमें वार्ड-8 से अनुसूचित जाति की महिला निशा पंचायत चुनावों के दौरान पंच बनी थीं। इसके अलावा बाकी सभी 14 सदस्य मुस्लिम समुदाय से निर्वाचित हुए थे। इनमें वार्ड नंबर 2 से सुवालिया, वार्ड नंबर 6 से आईसा खातून, वार्ड 7 से अमजद खान, वार्ड 8 से निशा, वार्ड 9 से रिहाना, वार्ड 10 से असरफ अली, वार्ड 11 से असमीना, वार्ड 13 से फरजाना, वार्ड 14 से मुनफेद, वार्ड 15 से ताहिरा आदि शामिल है। निशा के चयन की चर्चा, बोली- प्राथमिकता के आधार पर होंगे कार्य
नवनियुक्त सरपंच निशा ने ग्राम पंचायत के सदस्यों को विश्वास दिलाया कि गांव में समान रूप से विकास कार्यों को गति दी जाएगी। लंबे समय से रुके कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। साफ-सफाई से लेकर गांव के कच्चे रास्तों को जल्द पक्का करने की पहल की जाएगी।