हाईकोर्ट से खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम को झटका, अपील डिसमिस:धार्मिक कार्यक्रमों में मांगे थे वोट, पूर्व मंत्री दलाल की याचिका पर सुनवाई

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार में खेल मंत्री गौरव गौतम को झटका देते हुए उनकी 7-11 की अपील को डिसमिस कर दिया है। इस केस में अब 4 दिसंबर को इश्यू फ्रेम करने के लिए हाईकोर्ट की तरफ से तारीख दी गई है। खेल मंत्री पर विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान धर्म के नाम पर वोट मांगने के आरोप को लेकर पिछले एक साल से कार्ट में यह केस चल रहा है। मंत्री की तरफ से केस को रद्द करने के लिए अपील लगाई गई थी। क्या है पूरा मामला खेल मंत्री गौरव गौतम के खिलाफ कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने अक्तूबर 2024 में हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव के बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि गौरव गौतम ने विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान जनसभा में धर्म के नाम पर वोट मांगकर भ्रष्ट आचरण किया। पूर्व मंत्री दलाल की याचिका में आरोप है कि गौतम ने चुनावी समर्थन हासिल करने के इरादे से अपने चुनाव अभियान को धार्मिक भावनाओं से जोड़कर और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर वोट मांगे हैं। मामले में हाईकोर्ट ने मंत्री को नोटिस भेजकर मामले में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। कोर्ट ने गौरव गौतम को 14 दिसंबर 2024 को नोटिस भेजा था। इस नोटिस का जवाब मंत्री को 6 जनवरी 2025 तक दाखिल करना था। हालांकि, मंत्री गौरव गौतम ने नोटिस का जवाब नहीं दिया था। इसके बाद जस्टिस अर्चना पुरी की कोर्ट में एडवोकेट मोहन जैन ने दलील दी कि गौरव गौतम हाईकोर्ट के नियमों के खंड-20 (C) के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना लिखित बयान दाखिल करने में विफल रहे हैं। पूर्व मंत्री के वकील ने कहा कि अब मंत्री का बचाव बंद कर दिया जाना चाहिए। मामले पर गौर करते हुए जस्टिस पुरी ने गौतम को अगली सुनवाई से पहले अपना लिखित बयान दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया है। 28 मार्च को गौतम के वकील ने दाखिल किया जवाब खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की तरफ उनके वकील विजय कुमार जिंदल ने हाईकोर्ट में जवाब दाखिल कर दिया। वकील ने गौरव गौतम के जवाब में कहा कि उन पर लगे सभी आरोप निराधार है। उन्होंने चुनाव के दौरान ऐसा कोई वीडियो पोस्ट नहीं किया है, जिससे ये साबित हो सके की धार्मिक भावनाओं से जोड़कर और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर वोट हासिल किए गए है। 12 नवंबर को ऑर्डर रिजर्व रखा था ऑर्डर खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम के वकील ने इस पिटीशन को खारिज करने के लिए कोर्ट में सीपीसी के नियम 7 रूल 11 के तहत याचिका को खारिज करने की मांग की थी। शुक्रवार को कोर्ट ने राज्यमंत्री गौरव गौतम की 7-11 की अपील को डिसमिस करते हुए इश्यू फ्रेम के लिए बृहस्पतिवार, 4 दिसंबर 2025 की तारीख भी लगाई है। कोर्ट ने करण दलाल की रिट पिटीशन के विरोध में गौरव गौतम द्वारा दायर रूल 7 नियम 11 की बहस सुनने के बाद 12 नवंबर को ऑर्डर रिजर्व रखा था, जिसपर आज शुक्रवार को फैसला सुनाया गया। खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम की अपील खारिज होने के बाद अब पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल की याचिका पर हाई कोर्ट में केस चलेगा। पिछले लगभग एक साल में कई महिनों से चली बहस में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आज हाईकोर्ट ने केस चलाने का निर्देश दिया। दलाल बोले जनता की जीत पूर्व मंत्री करण दलाल ने कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि कोर्ट में यह मेरी जीत नहीं, बल्कि पलवल विधानसभा क्षेत्र सहित समूचे हरियाणा की जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने 4 दिसंबर 2025 को इश्यू फ्रेम की तारीख लगाई है, जिसके बाद आने वाले समय में जल्द ही केस पूरा होगा और उम्मीद है कि अब जल्द ही इस केस में उनकी जीत होगी और देश में धर्म के नाम पर वोट मांगकर जनता को गुमराह करने वालों को सबक मिलेगा। ये वीडियो साल 2024 में सिंतबर में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव कैंपेन के है। इन्ही वीडियो को आधार बनाकर पूर्व मंत्री करण सिहं दलाल की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। इस चुनाव में करण सिंह दलाल को भाजपा के उम्मीदवार गौरव गौतम के सामने हार का सामना करना पड़ा था गौरव गौतम ने उनको 33 हजार वोटों से हराया था।

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