पूर्णिया सांसद पप्पू यादव शनिवार को अचानक पूर्णिया GMCH का निरीक्षण करने पर पहुंच गए। हॉस्पिटल की बदहाली और अधूरे बिल्डिंग का मुआयना करने के बाद उनका गुस्सा फूट पड़ा। प्रिंसिपल कार्यालय में पहुंचकर उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और निर्माण कंपनी NCC के डायरेक्टर को फोन पर जमकर फटकार लगाई। सांसद ने बिल्डिंग हैंडओवर में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कंस्ट्रक्शन कंपनी को एक महीने के अंदर बिल्डिंग हैंडओवर करने का अल्टीमेटम दिया। सांसद ने तीखे लहजे में कहा कि महीने भर के भीतर नई बिल्डिंग हैंडओवर नहीं हुआ तो ताला तोड़कर मेडिकल कॉलेज के काम शुरू कराए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो बड़ी कार्रवाई भी होगी। पप्पू यादव बोले- लोकसभा में 1 दिसंबर को उठाया जाएगा मुद्दा सांसद पप्पू यादव ने कहा कि कंपनी ने सरकार पर 70 करोड़ रुपए बकाया होने के कारण बताया है। मगर उन्होंने साफ कर दिया कि ये कंपनी और सरकार के बीच का मामला है, जनता को क्यों परेशान हो। पूर्णिया की जनता आपके कारण सफर नहीं करेगी। 1 दिसंबर से लोकसभा सत्र में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। सांसद पप्पू यादव ने प्रिंसिपल प्रो. डॉ. हरिशंकर मिश्र, उपाधीक्षक डॉ. भरत कुमार, डॉ. दीनबंधू प्रसाद और डीन डॉ. AK झा से वन टू वन बातचीत की। अधिकारियों ने कहा कि 200 की जगह सिर्फ 47 डॉक्टर कार्यरत हैं। 300 की जगह 55 GNM नर्सें काम कर रही हैं। आईसीयू और वेंटिलेटर के लिए कोई अलग भवन नहीं और न ही टेक्नीशियन तक उपलब्ध है। ओपीडी वार्ड व इनडोर बिल्डिंग भी अधूरी है। मरीज पुराने भवन में इलाज कराने को मजबूर हैं। इस पर सांसद ने कहा कि जब तक मेडिकल कॉलेज पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, चैन से नहीं बैठूंगा। प्राइवेट जांच केंद्रों द्वारा मनमानी शुल्क वसूले जाने पर पप्पू यादव भड़ गए। उन्होंने कहा कि पूर्णिया में कम से कम दो जांच केंद्र शुरू किए जाएंगे, जहां सभी जांचों की दर सबसे कम होगी। साथ ही हर प्रखंड में कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, ताकि मरीजों को सस्ता व बेहतर विकल्प मिल सके। आने वाले 6 महीनों में मेडिकल सेक्टर में बड़ा बदलाव दिखेगा। उन्होंने जनता से वादा किया कि अब कोई मरीज इलाज के लिए भटकेगा नहीं, हम सब मिलकर पूर्णिया को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देंगे।