पंजाब के कपूरथला जिले की सब डिवीजन सुल्तानपुर लोधी में एक युवक द्वारा जहरीली दवा निगलकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। युवक ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए गांव डडविंडी के एक ट्रेवल एजेंट और जांच कर रहे डीएसपी को जिम्मेदार ठहराया है। 25 लाख रुपए लेकर कनाडा न भेजने का आरोप जानकारी के अनुसार, गांव कर्मजीतपुर निवासी गुरप्रीत सिंह ने दो साल पहले गांव डडविंडी के एक ट्रेवल एजेंट को कनाडा भेजने के लिए 25 लाख रुपये दिए थे। लेकिन लंबे समय बीत जाने के बाद भी एजेंट ने न तो उसे विदेश भेजा और न ही रकम लौटाई। परेशान होकर गुरप्रीत सिंह ने करीब दो माह पहले एसएसपी कपूरथला को शिकायत दी थी, जिसे जांच के लिए डीएसपी-एनडीपीएस सुखपाल सिंह रंधावा को मार्क किया गया था। पुलिस कार्रवाई न होने से बढ़ी निराशा, जहरीली दवा पीकर दी जान गुरप्रीत सिंह के पिता बूटा सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने से निराश होकर गुरप्रीत सिंह ने शनिवार को जहरीली दवा पी ली। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे पहले स्थानीय अस्पताल और फिर जालंधर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप मृतक गुरप्रीत सिंह ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए ट्रेवल एजेंट और जांच कर रहे डीएसपी सुखपाल सिंह रंधावा को जिम्मेदार ठहराया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। परिजनों का विरोध प्रदर्शन, थाने के बाहर जुटे ग्रामीण रविवार देर रात मृतक के परिजन और ग्रामीण थाना सुल्तानपुर लोधी के बाहर एकत्र हुए और आरोपी ट्रैवल एजेंट व पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार दोपहर तक कार्रवाई नहीं हुई तो थाने का घेराव किया जाएगा। पुलिस ने मांगा समय, जांच जारी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सोनमदीप कौर ने बताया कि अभी तक मृतक के परिवार की ओर से कोई लिखित बयान नहीं दिया गया है। परिजनों ने सोमवार दोपहर तक का समय मांगा है ताकि पारिवारिक चर्चा के बाद बयान दर्ज करवा सकें। डीएसपी ने दी सफाई, कहा—बैंक रिकॉर्ड का इंतजार आरोपों के घेरे में आए डीएसपी सुखपाल सिंह रंधावा ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता और ट्रैवल एजेंट के बीच कुछ माह पहले एक राजीनामा हुआ था। बाद में जब एजेंट ने रकम नहीं लौटाई, तो पीड़ित ने दोबारा शिकायत दी। जांच के दौरान बैंक से लेन-देन का रिकॉर्ड मांगा गया है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुआ। डीएसपी ने कहा कि रिकॉर्ड मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।