ऐसा केस बनाएंगे दिमाग सही हो जाएगा:प्रयागराज में BLO सुपरवाइजर ने वोटर को धमकाया, बोला- कुछ कर नहीं पाओगे

प्रयागराज में SIR के दौरान हंगामा, कहासुनी या विवाद आए दिन सामने आ रहे हैं। अब करेली क्षेत्र के एक BLO के सुपरवाइजर पर धमकी देने का आरोप लगा है। धमकी देते हुए एक वीडियो भी सामने आया है। वोटर के सवाल पर वह भड़क जाते हैं। भोजपुरी में कहते हैं कि ई सब धमकी न देव, गीदड़ भभकी कहीं और देव… चलो जाओ… तुमरे खिलाफ ऐसा केस बना देंगे कि दिमाग सही होई जाई। उखाड़ न पाओगे एक रोंवा। चलो जाओ। तुम्हारी आरती उतारें न हम। बात न करो, कौन हो चलो जाओ। मामला करेली क्षेत्र के यूनिटी पब्लिक स्कूल पर बने बूथ का है। यहां 10 बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। यहां एक सुपरवाइजर भी तैनात है। सुपरवाइजर का नाम मेरर्विन लाटियर है। यहां करीब 18 से 19 हजार वोटरों को लेकर SIR होना है। दरअसल, उस स्कूल में ही बूथ संख्या 121 पर जिस BLO की ड्यूटी लगी है, वह कई दिनों से बूथ पर नहीं पहुंचा था। बीएलओ के नहीं पहुंचने से परेशान लोगों ने हंगामा कर दिया। सुपरवाइजर से सवाल किए थे तो वह भड़क गए। वोटर बोले- BLO आ नहीं रहे, 5 दिन से दौड़ाया जा रहा
मो. मुस्तकीम ने बताया- लोग भटक रहे हैं। कोई बताने वाला नहीं है। BLO तो फॉर्म कतई नहीं भर रहे। पाठक जी नाम के एक BLO हैं, वो आ ही नहीं रहे हैं। लोग परेशान होकर वापस जा रहे। मुन्ना का कहना है कि फॉर्म नहीं दिया जा रहा है। यूनिटी में मैं पांच दिन से दौड़ रहा हूं। उदयजी आ ही नहीं रहे हैं। फोन काट दे रहे हैं। FIR भी हुई, लेकिन हर तरफ शिकायतें प्रयागराज में एसआईआर को लेकर लोग काफी परेशान हैं। BLO पर एफआईआर भी हो चुकी है। इलाहाबाद उत्तर विधानसभा क्षेत्र में SIR के दौरान निर्वाचन काम में लापरवाही बरतने के आरोप में BLO के खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। तहसीलदार सदर की तहरीर पर मुकदमा लिखा गया। निर्देशों का उल्लंघन, लापरवाही का आरोप
आरोप है कि BLO जानबूझकर शिथिलता और लापरवाही बरत रहे हैं। साथ ही उच्च अधिकारियों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों की लगातार अवहेलना कर रहे हैं, जिससे संशोधन का काम प्रभावित हो रहा है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत केस दर्ज
शिकायत के आधार पर कर्नलगंज पुलिस ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। उधर, प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि संशोधन के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीचर बने BLO, वोटर लिस्ट अपडेट कराने में ड्यूटी
दरअसलख् यूपी में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन यानी एसआईआर चल रहा। वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए सरकारी स्कूलों के टीचर्स की BLO की ड्यूटी लगी है। इनको घर-घर जाकर लिस्ट का सत्यापन करना है। बताया जा रहा कि इसके चलते टीचरों पर काम का दवाब बहुत बढ़ गया है। कई जगहों से मौत होने की भी खबरें आई हैं। नोएडा में SIR ड्यूटी से तंग महिला टीचर का इस्तीफा नोएडा में SIR ड्यूटी से तंग महिला टीचर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे में लिखा- मेरा BLO का पार्ट नंबर-206 है। मतदाता स्थल रॉकवुड स्कूल है। मेरे भाग संख्या में 1179 मतदाता हैं। ऑनलाइन मैंने 215 फीड कर दिए हैं। मैं अब अपनी जॉब से रिजाइन दे रही हूं, क्योंकि अब मुझसे यह काम नहीं होगा। न शिक्षण कार्य हो पाएगा, न ही BLO का कार्य। कृपया आप मुझे निर्देशित करें कि मैं अपना निर्वाचन सामान किसे दूं। आपकी अति कृपा होगी। लखनऊ में शिक्षामित्र की ब्रेन हेमरेज से मौत; पत्नी बोली- BLO ड्यूटी में दबाव था लखनऊ के मलिहाबाद के प्राथमिक विद्यालय सरावां के शिक्षामित्र की ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। उन्होंने शुक्रवार शाम को इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। मृतक शिक्षामित्र की पहचान सरावां के विजय कुमार वर्मा के रूप में हुई। इस समय वह BLO के तौर पर काम कर रहे थे। मृतक की पत्नी सविता रावत ने बताया- जब से BLO का काम मिला था, तब से बहुत परेशान रहते थे। इसी टेंशन की वजह से अटैक पड़ा और चरक अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने ब्रेन हेमरेज बताया। काम के दबाव में पूरा दिन मोबाइल फोन में जुटे रहते थे। घटना के बाद पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार में एक बेटा हर्षित (28) है। —————- ये खबर भी पढ़िए- 19 दिन में 6 राज्यों में 15 बीएलओ की मौत: SIR अभियान के दौरान गुजरात-MP में 4-4, बंगाल में 3, राजस्थान-तमिलनाडु-केरल में 3 मौतें देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान के बीच बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) की मौतें चिंता का कारण बन गई हैं। 21 नबंवर की रात से 22 नवंबर के मध्य प्रदेश में दो बीएलओ की ‘बीमारी’ के कारण मौत हो गई। मध्य प्रदेश के भोपाल में दो बीएलओ को हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। पश्चिम बंगाल में एक महिला बीएलओ ने भी आत्महत्या कर ली। मृतकों के परिजनों ने ज्यादा काम और लक्ष्य पूरा करने के दबाव को मौत का कारण बताया है। निर्वाचन आयोग की शनिवार की रिपोर्ट के अनुसार बड़े राज्यों में राजस्थान में सर्वाधिक 60.54% फॉर्म डिजिटलाइज हुए हैं। वहीं, केरल में सबसे कम 10.58% फॉर्म डिजिटल हो पाए हैं। कुल 98.98% फॉर्म बंट चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *