पटना साइंस कॉलेज में बीकॉम-बीए की पढ़ाई:विश्वविद्यालय को भेजा गया प्रस्ताव; मल्टीडिस्पिलनरी शिक्षा की ओर कदम

पटना साइंस कॉलेज अब मल्टीडिस्पिलनरी मॉडल की ओर बढ़ रहा है। कॉलेज प्रशासन ने बीए (Arts) और बीकॉम (Commerce) कोर्स शुरू करने के लिए पटना विश्वविद्यालय को औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है। विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल से स्वीकृति मिलते ही प्रस्ताव राजभवन भेजा जाएगा। इसके साथ ही कॉलेज ने 4 साल के इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स (BSc–BEd) शुरू करने का भी प्रस्ताव भेजा है। इस कोर्स को शुरू करने के लिए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) से मंजूरी ली जाएगी। सभी नए कोर्स सेल्फ फाइनेंस मोड में चलाए जाएंगे। एनईपी के तहत मल्टीडिस्पिलनरी शिक्षा की ओर कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) कॉलेजों को बहू-विषयक (Multidisciplinary) मॉडल अपनाने पर जोर देती है। अभी पटना साइंस कॉलेज सिर्फ साइंस का कॉलेज है, जिसकी वजह से NAAC में बेहतर ग्रेड हासिल करने में दिक्कतें आ रही है। अन्य कॉलेज छोटा है। इस के बावजूद आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों संकाय होने से उनका ग्रेड बेहतर आ रहा है। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि नए संकायों की शुरुआत से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और कॉलेज की रैंकिंग भी सुधरेगी। पटना कॉलेज के बाद साइंस कॉलेज का प्रस्ताव इससे पहले पटना कॉलेज ने साइंस की पढ़ाई (BSc) शुरू करने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल पास कर चुकी है। पटना कॉलेज की फाइल अभी सरकार के पास विचाराधीन है। उसी क्रम में अब साइंस कॉलेज ने भी अपने यहां आर्ट्स, कॉमर्स और इंटीग्रेटेड BEd कोर्स खोलने की पहल शुरू की है। कैंपस में मिलेगी नई जगह पटना साइंस कॉलेज परिसर में जल्द ही नया साइंस ब्लॉक तैयार होने वाला है। इसके बनते ही कॉलेज के सभी पीजी विभागों को वहां स्थानांतरित किया जाएगा। पीजी विभागों के पुराने खाली भवनों में ही नए आर्ट्स और कॉमर्स विभागों को शिफ्ट किया जाएगा, ताकि छात्रों को बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर मिल सके। एनसीटीई के नए नियमों के अनुसार सामान्य कॉलेज भी 4 साल के इंटीग्रेटेड बीएड (BSc–BEd/BA–BEd) कोर्स चला सकते हैं। इसी नियम के तहत साइंस कॉलेज ने BSc–BEd कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भेजा है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इस कोर्स को शुरू करने से शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में छात्रों को एक ही छत के नीचे दोहरी डिग्री हासिल करने का मौका मिलेगा। बता दें कि साइंस कॉलेज को 2019 में बी ग्रेड मिला था। अब NAAC ग्रेड के नए दौर की तैयारी हो रही है। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि नए संकाय खुलने से संस्थान की NAAC ग्रेड में सुधार होगा। प्राचार्या प्रो. अलका ने बताया कि “एनईपी के दिशा-निर्देश और विश्वविद्यालय के सुझाव के बाद कॉलेज में आर्ट्स, कॉमर्स और इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया है। सभी विभागाध्यक्षों से विचार-विमर्श कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही प्रक्रिया आगे बढ़ जाएगी।

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