हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र बुधवार से धर्मशाला के तपोवन में शुरू होगा। सत्र में शामिल होने के लिए प्रदेश सरकार आज (मंगलवार) शिमला से धर्मशाला के लिए रवाना होगी। अगले 10 दिनों तक वहीं से कामकाज संचालित करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मंगलवार को रवाना होंगे। अधिकतर मंत्री और विधायक 25 नवंबर तक धर्मशाला पहुंच जाएंगे। 26 से 5 दिसंबर तक चलने वाले इस सत्र के मद्देनजर कुछ प्रशासनिक अधिकारी सोमवार को ही धर्मशाला रवाना हो गए थे, जबकि अन्य मंगलवार दोपहर तक पहुंचेंगे। शीतकालीन सत्र से पहले कांग्रेस और भाजपा विधायक दल अपनी आगामी रणनीति तैयार करेंगे। सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। यह अबतक का सबसे बड़ा शीतकालीन सत्र- आठ बैठकें होंगी यह सत्र 26 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। यह अब तक का सबसे बड़ा शीतकालीन सत्र होगा। इसमें कुल 8 बैठकें होंगी। इसके बाद सुक्खू सरकार 11 दिसंबर को जिला मंडी में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों में जुट जाएगी, जो उनके तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर होगा। सत्र के दौरान प्रदेश सचिवालय में लोगों की चहलकदमी कम हो जाएगी। चुनावी गारंटियों और कानून व्यवस्था को लेकर घेरेगा विपक्ष विपक्ष सत्र के दौरान आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था, चुनावी गारंटियों, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़कों की दुर्दशा, नशा तस्करी और कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास करेगा। वहीं, सरकार अपने तीन वर्षों की उपलब्धियों को सदन में रखेगी। विपक्ष के सवालों का जवाब देने की रणनीति के साथ उतरेगी।