हिसार में CJI के गांव में मनी दिवाली:रंग-बिरंगी रोशनी से सजे घर; जनवरी में आ सकते हैं चीफ जस्टिस सूर्यकांत

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया(CJI) सूर्यकांत जनवरी में हरियाणा आ सकते हैं। सूचना है कि वे 10 से 12 जनवरी के बीच हिसार आ सकते हैं। इस दौरान वे अपने गांव पेटवाड़ में परिवार के साथ बैठकर भोजन करेंगे और प्रशासनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सूर्यकांत ने एक दिन पहले ही CJI की शपथ ली है। इस बीच रात को उनके गांव पेटवाड़ में दिवाली पर्व की तरह ही घरों पर रंग बिरंगी लाइटिंग की गई। गांव के बेटे की उपलब्धि से ग्रामीण उत्साहित हैं। जानकारी अनुसार CJI सूर्यकांत हिसार दौरे के दौरान नारनौंद और बरवाला में ज्युडिश्यरी कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन कर सकते हैं। जस्टिस सूर्यकांत के चीफ जस्टिस बनने पर उनके गृह जिले में दो और कोर्ट स्थापित होगी। इससे पहले हिसार और हांसी में ही ज्युडिश्यरी कॉम्पलेक्स बने हुए हैं। इसे बढ़ाकर अब 4 किया जाएगा। भाई बोले- सूर्यकांत का आना तय, कार्यक्रम में फेरबदल संभव चीफ जस्टिस सूर्यकांत के बड़े भाई मास्टर ऋषिकांत ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि ऋषिकांत ने बताया कि अभी डेट संभावित है इसमें फेरबदल भी हो सकता है मगर अब तक जो कार्यक्रम बन रहा है उसमें 10 जनवरी के आसपास उनके आने की संभावना बन रही है। वह गांव में भी आएंगे और यही परिजनों व मित्रों के साथ भोजन करेंगे। गांव में दिवाली मनाई गई
वहीं चीफ जस्टिस के गांव में सोमवार रात दिवाली मनाई गई। घर-घर दीपक जलाए गए। जस्टिस के परिवार ने देसी घी के दीपक घर पर जलाए। चीफ जस्टिस इस दौरान गांव में आतिशबाजी भी की गई। वहीं दिन में महिलाओं ने गांव में मंगल गीत गाए और गांव में देसी घी के लड्‌डू बांटे गए थे। चीफ जस्टिस के गांव की 2 तस्वीरें… ज्युडिश्यरी कॉम्पलेक्स बनने से ये फायदा होगा हिसार बार के प्रधान संदीप बूरा ने बताया कि नारनौंद और बरवाला में न्यायिक परिसर बनने से हांसी और हिसार न्यायिक परिसर पर दबाव कम होगा। वहीं लोगों को न्याय में मिलने वाली देरी से भी निजात मिलेगी। इतना ही नहीं रोजगार की तलाश में हिसार न्यायालय जाने वाले युवा वकीलों एवं अन्य लोगों को भी अपने उपमंडल में रोजगार उपलब्ध होगा, जिससे आने वाले समय में युवा पीढ़ी में भी वकालत के प्रति ओर रुझान बढ़ेगा। न्यायिक परिसर हिसार जाने में सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों व महिलाओं को होती है। बरवाला और नारनौंद में कोर्ट बनने से महिलाओं व बुजुर्गों को अपने घर पास ही न्याय की उम्मीद बढ़ेगी।

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