लुधियाना| आजकल ज्यादातर लोग हेल्थ को लेकर जागरूक हो रहे हैं, लेकिन हर किसी के घर में ट्रेडमिल जैसी भारी मशीनें रखना संभव नहीं होता। कई लोग छोटे घरों में रहने, बजट की कमी या मशीन के शोर के कारण ट्रेडमिल नहीं लेना चाहते। फिटनेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि हार्ट हेल्थ, कैलोरी बर्न और स्टैमिना बढ़ाने के लिए सिर्फ मशीन पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। ऐसी कई डे-टू-डे एक्टिविटीज और आसान वर्कआउट ट्रेडमिल की जगह बेहतरीन विकल्प बन सकते हैं। इन्हें घर, पार्क, सीढ़ियों या कमरे के छोटे हिस्से में भी आसानी से किया जा सकता है। अच्छी बात यह है कि शरीर पर यह कम दबाव डालते हैं और शुरुआत करने वाले लोग भी बिना किसी जोखिम के इन्हें कर सकते हैं। ट्रेनर्स का कहना है कि फिटनेस का सबसे बड़ा नियम नियमितता है। ट्रेडमिल हो या न हो, रोजाना 20-30 मिनट की एक्टिविटी हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाती है व पूरे दिन फुर्ती बनाए रखती है। सीढ़ियां चढ़ना बन रहा सबसे लोकप्रिय विकल्प: अब कई लोग स्टेयर वॉकिंग पर जोर दे रहे हैं। घर की सीढ़ियां रोज 10-15 मिनट चढ़ना और उतरना हृदय, फेफड़ों और पैरों की मांसपेशियों के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। सीढ़ियां चढ़ना ट्रेडमिल के इनक्लाइन मोड जैसा फायदा देता है और वजन घटाने में मदद कर सकता है। यह कम समय में ज्यादा असर दिखाता है, इसलिए व्यस्त लोग इसे अपनी मॉर्निंग रूटीन में शामिल करने लगे हैं। {साइक्लिंग और स्टेशनरी बाइक का इस्तेमाल : कई घरों में अब छोटी स्टेशनरी बाइक देखने को मिल रही है। ट्रेडमिल की तुलना में साइक्लिंग घुटनों पर कम दबाव डालती है और वजन अधिक होने पर भी सेफ मानी जाती है। पार्क में साधारण साइक्लिंग भी उतनी ही प्रभावी है। यह कार्डियो, बैलेंस और स्टैमिना तीनों में सुधार करती है। बॉडीवेट एक्सरसाइज ने बदली दिनचर्या : जंपिंग जैक्स, हाई नीज, स्क्वॉट्स, लंजेस, माउंटेन क्लाइंबर्स जैसी बॉडीवेट एक्सरसाइज कई घरों में मॉर्निंग वर्कआउट का हिस्सा बन चुकी हैं। इनसे हृदय गति बढ़ती है, कोर मजबूत होता है और घर में मशीन की जरूरत नहीं पड़ती। फिटनेस ट्रेनर्स बताते हैं कि रोज 20 मिनट का बॉडीवेट कार्डियो ट्रेडमिल के शुरुआती स्पीड वॉक के बराबर असर देता है। योगा और डायनेमिक स्ट्रेचिंग भी मददगार : कार्डियो जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है शरीर का फ्लेक्सिबल रहना। सुबह-सुबह योगा, सूर्य नमस्कार और डायनेमिक स्ट्रेचिंग करने से शरीर एक्टिव रहता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ने के बाद लोग सुबह घर में ही तेज कदमों से वॉक करने लगे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 15–20 मिनट की तेज चाल हार्ट रेट को उतना ही बढ़ाती है, जितना हल्की जॉगिंग या ट्रेडमिल की स्लो रनिंग। इसे छोटे कमरे, बरामदे या छत पर भी किया जा सकता है। कई लोग बाहर जाने में असुविधा होने पर ‘जॉग इन प्लेस’ यानी एक ही जगह दौड़ने का विकल्प भी अपनाते हैं। इससे शरीर में गर्माहट बढ़ती है, कैलोरी बर्न होती है और घुटनों पर अनावश्यक दबाव भी नहीं पड़ता।