रोहतक में निपुण वाटिका का निरीक्षण करने के लिए शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा सरकारी स्कूल में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कांग्रेस ने राजीव गांधी के नाम से खेल स्टेडियम तो दुनियाभर के बना दिए, लेकिन अव्यवस्थित ढंग से अधूरा छोड़कर सरकार को दिए, जो आज नासूर बने हुए है। शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि खेल मंत्री गौरव गौतम ने अपना स्टेटमेंट दिया है। स्टेडियम की जर्जर हालत किसके कारण हुई, यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। जांच होने के बाद सारी चीजें साफ हो जाएंगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। घटना होने के बाद ही कार्रवाई होगी, पहले कैसे करें
शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि घटना जब घटती है तो उसके बाद ही बात होगी। पहले से घटना के बारे में कैसे पता होगा। आपको थोड़ी पता है कि क्या होने वाला है। स्टेडियम की जो जर्जर हालत है, उसकी रिपोर्ट बनकर जाती है। जिन पर काम किया जाता है। उसके हिसाब से ही काम शुरू किए जाते है। सैकड़ों स्टेडियम का मुझे पता है कि उनके लिए फंड्स जारी किए गए है। अधूरी बिल्डिंग कांग्रेस ने बनाकर छोड़ी
शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश में बनाए गए राजीव गांधी खेल स्टेडियम कांग्रेस ने अधूरी बिल्डिंग बनाकर छोड़े थे, जिनमें दरवाजे और शीशे तक नहीं लगे थे। कांग्रेस ने बहुत सारी अव्यवस्था तैयार की गई। ऐसी बिल्डिंग कांग्रेस ने बनाई, जिनका न बनना ही अच्छा था। उन व्यवस्थाओं को ठीक करने का काम सरकार ने किया है। राहुल गांधी को कांग्रेस संभाल नहीं पाई
महिपाल ढांडा ने स्टेडियमों को संभालने के एक सवाल पर कहा कि कांग्रेस क्या आज तक राहुल गांधी को संभाल पाई है। सरकार अपने हिसाब से काम कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। जो खामियां रही, उनके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की है। बीएलओ की ड्यूटी पहली बार नहीं लगाई
महिपाल ढांडा ने कहा कि वोटर लिस्ट के लिए बीएलओ की ड्यूटी कोई पहली बार नहीं लगाई गई। हर सरकार में बीएलओ की ड्यूटी लगती है। इसको लेकर भी कुछ न कुछ रास्ता निकाल रहे है। अभी हाल ही में मीटिंग की है और जब तक चीजें सिरे नहीं चढ़ती, तब तक बताना जरूरी नहीं है। छाछ तो बोले ही बोले, छलनी भी क्या बोले
महिपाल ढांडा ने कहा कि शिक्षा के मुद्दे पर विपक्ष भी क्या बोलने लायक है। यह तो वही बात है कि छाछ तो बोले ही बोले, छलनी भी बोले, जिसके एक हजार छेद। डूब के मरे ऐसे बोलने वाले। कांग्रेस 31 प्रतिशत सरकारी स्कूलों का रिजल्ट छोड़कर गई थी, आज 95 प्रतिशत स्कूलों का रिजल्ट है।