आतंकी डॉ. आदिल की वॉट्सएप चैट सामने आई:अस्पताल प्रबंधन के सामने गिड़गिड़ाया, विस्फोटक के लिए सैलरी से ₹8 लाख दिए

दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉक्टर्स विस्फोटक जुटाने के लिए सैलरी से पैसा देते रहे। गिरफ्तार डॉक्टरों की बैंकिंग डिटेल और मोबाइल रिकॉर्ड से इसके सबूत मिले हैं। सहारनपुर के फेमस मेडिकेयर अस्पताल में काम करने वाले डॉ. आदिल अहमद की वॉट्सऐप चैट भी सामने आई है, जिसमें वह एडवांस सैलरी के लिए गिड़गिड़ा रहा है। जांच एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हरियाणा में फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर तगा गांव में बरामद सामग्री और दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल विस्फोटक पर डॉक्टरों ने 26 लाख रुपए खर्च किए थे। इसमें से 8 लाख रुपए डॉ. आदिल ने दिए थे। जांच एजेंसियां अब आदिल के संपर्कों की तलाश कर रही हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की जांच आगे बढ़ रही है तो नए खुलासे हो रहे हैं। अभी तक 2 हजार से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. आदिल, डॉ मुजम्मिल, डॉ शाहीन सईद और डॉ उमर नबी ने ब्लास्ट की तैयारी काफी पहले ही शुरू कर दी थी। कौन है आतंकी डॉ. आदिल और कैसे उसने फंडिंग जुटाई… कश्मीर से इस्तीफा देकर सालभर पहले सहारनपुर आया
डॉ. आदिल मूल रूप से कश्मीर के कुलगाम जिले के वानपुर का रहने वाला है। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से MBBS की पढ़ाई की और अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) में रेजिडेंट डॉक्टर की नौकरी भी कर चुका है। यहां उसने 2024 में इस्तीफा दे दिया। 4 अक्टूबर को आदिल ने जम्मू-कश्मीर में शादी की। पुलिस के अनुसार, डॉ. आदिल का भाई भी डॉक्टर है। उसकी पत्नी रुकैया भी मनोचिकित्सक है। श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाने पर रडार पर आया
17-18 अक्टूबर को श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाए जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस की जांच में पता चला कि पोस्टर लगाने वाला शख्स आदिल ही था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने GMC अनंतनाग में छापा मारा। जांच के दौरान आदिल के लॉकर से एके-47 राइफल और अन्य हथियार बरामद किए गए। इसके बाद आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और उससे सख्त पूछताछ शुरू हुई। दिल्ली में भी कर चुका काम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि आदिल साल 2024 में GMC अनंतनाग से इस्तीफा देकर दिल्ली आया। दिल्ली स्थित ऑस्कर अस्पताल (वी-ब्रास) में काम किया। वहां उसकी मुलाकात ऑस्कर अस्पताल में कार्यरत डॉ. अंकुर चौधरी से हुई। बाद में डॉ. अंकुर ने उसे फेमस मेडिकेयर अस्पताल के निदेशक डॉ. मनोज मिश्रा से मिलवाया। इसके बाद फेमस मेडिकेयर अस्पताल में उसका वेतन 5 लाख रुपए प्रति माह तय हुआ था। इसके बाद वह लगातार सहारनपुर में रहा। सैलरी लेने के लगातार मैसेज किए, चैट सामने आई
दिल्ली ब्लास्ट से करीब 2 महीने पहले डॉ. आदिल ने सहारनपुर में अपने अस्पताल की मैनेजमेंट से सैलरी देने की गुहार लगाई थी। इसकी वॉट्सऐप चैट सामने आई है। इसमें वह अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी से अपनी सैलरी मांग रहा है। वह लगातार कह रहा है कि उसको वेतन की काफी जरूरत है। चैट में उसने कहा कि सैलरी मिल जाए तो वह आभारी रहेगा। साथ सैलरी ट्रांसफर करने को लेकर वह अकाउंट नंबर भी बता रहा है। अब पढ़िए डॉक्टर आदिल की वॉट्सऐप चैट
5 सितंबर: गुड ऑफ्टरनून सर, मैंने सैलरी क्रेडिट करने के लिए रिक्वेस्ट की थी। सर, मुझको रुपए की बहुत जरूरत है। मेरे ही खाते में डाल देना सर, जो खाता मैंने आपको पहले दिया था। 6 सितंबर: गुड मॉर्निंग सर, आप कर दीजिए, आपका आभार रहेगा। 7 सितंबर: सर, सैलरी जल्द से जल्द चाहिए, पैसे चाहिए। प्लीज, आपकी बहुत मदद होगी। 9 सितंबर: प्लीज कल कर दीजिए, मुझे बहुत अधिक जरूरत है सर। शादी में गए लोग जांच एजेंसी के रडार पर
आतंकी आदिल की शादी 4 अक्टूबर को कश्मीर में हुई। शादी की छुट्टी लेकर वो कश्मीर गया था। वहां से 27 दिन बाद सहारनपुर लौट आया था और हनीमून पर जाने की तैयारी कर रहा था। इससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी शादी में अस्पताल के डॉक्टर और कुछ स्टाफ मेंबर भी गए थे। ये सभी एजेंसियों की रडार पर हैं। इसके अलावा कश्मीर के जो लोग शादी में शामिल हुए थे, एजेंसियां उनकी लिस्ट बना रही है। दरअसल, जांच एजेंसियां ये जानना चाहती हैं कि कहीं शादी में इस मॉड्यूल से जुड़ा कोई और शख्स तो शामिल नहीं हुआ था। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा था टेरर मॉड्यूल
10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास एक हुंडई i20 कार में धमाका हुआ था। इसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। केंद्र सरकार ने बताया कि यह एक आत्मघाती आतंकी हमला था, जिसमें कार चला रहा डॉ. उमर नबी भी मर गया।उमर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला था और फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। 10 नवंबर को दिन में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े टेरर मॉड्यूल का खुलासा किया था। यूनिवर्सिटी में MBBS छात्रों को पढ़ाने वाले डॉ. मुजम्मिल और डॉ. शाहीन को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने फरीदाबाद में आतंकियों के ठिकानों से 2900 किलो विस्फोटक, असॉल्ट राइफलें सहित कई आधुनिक हथियार भी बरामद किए थे। उसी दिन शाम में डॉ. उमर ने दिल्ली जाकर धमाका किया था। केमिकल फरीदाबाद से खरीदने का शक
NIA ने गुरुवार को फरीदाबाद में एनआईटी नेहरू ग्राउंड में बीआर साइंटिफिक एंड केमिकल्स शॉप पर छापेमारी की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दुकान का मालिक लाल बाबू है, जो ऑथोराइज्ड डीलर है। उसके यहां से कालेजों और यूनिवसिर्टी सहित कई अस्पतालों की लैब में केमिकल सप्लाई किया जाता है। जांच एजेंसी के पास जानकारी थी कि डॉ. मुजम्मिल ने यहीं से केमिकल खरीदा था, जिसको लेकर जांच एजेंसी ने रिकॉर्ड चेक किया है। एजेंसी ने कुछ रिकॉर्ड कब्जे में लिया है, लेकिन इसकी किसी ने कोई पुष्टि नहीं की है। —————- ये खबर भी पढ़ें…. लेडी आतंकी डॉ शाहीन को लेकर फरीदाबाद पहुंची NIA, निशानदेही करवाई, कमरा नंबर 22 खोला गया दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल लेडी आतंकी डॉ शाहीन सईद को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) गुरुवार की रात को फरीदाबाद लेकर पहुंची। जहां उसे अल-फलाह यूनिवर्सिटी ले जाया गया। एजेंसी ने यहां पर निशानदेही कराई। इससे पहले NIA डॉ. मुजम्मिल शकील को निशानदेही के लिए लेकर आई थी। पूरी खबर पढ़ें…

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