धर्मशाला में मुख्य सचिव ने की शीतकालीन तैयारी बैठक:बर्फबारी में आवश्यक सेवाएं जारी रखने के दिए निर्देश, खाद्यान्न-दवाइयों का भंडारण करने को कहा

हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता की अध्यक्षता में धर्मशाला स्थित विधानसभा समिति कक्ष में शीतकालीन तैयारी बैठक 2025-26 का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में समय पर और समन्वित शीतकालीन तैयारियों को सुनिश्चित करना था। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों और जिलों को मौसम संबंधी चेतावनियों का शीघ्र प्रसार करने, स्नो मैनुअल और कोल्ड वेव एक्शन प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने नियंत्रण कक्षों की तत्परता, संसाधनों की पूर्व-तैनाती और प्रदेश के संवेदनशील तथा उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर भी जोर दिया। शीतकालीन तैयारियों को लेकर की समीक्षा बैठक के दौरान, सभी विभागों और जिलों ने अपनी-अपनी तैयारियों का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। चम्बा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, शिमला और सिरमौर जिलों की शीतकालीन तैयारियों की विशेष रूप से समीक्षा की गई। उपायुक्तों ने आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न, एलपीजी, दवाइयों और चारे के भंडारण, आपातकालीन संचालन केंद्रों (ईओसी) के कामकाज, स्नो चेन से लैस एम्बुलेंस की उपलब्धता, आईसेट-वीसेट प्रणाली के परीक्षण और सेना, आईटीबीपी, पुलिस और एनडीआरएफ जैसी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय की जानकारी दी। इन सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश मुख्य सचिव ने बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के दौरान सड़कों, बिजली, जलापूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और संचार व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने अग्निशमन विभाग को शीतकालीन आग की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, फायर ऑडिट कराने, शीतकालीन यातायात योजनाओं को सुदृढ़ करने, आवश्यक उपकरणों की मरम्मत सुनिश्चित करने, जल पाइपों की सुरक्षा करने और आईसेट-वीसेट वीएचएफ जैसे संचार तंत्रों की कार्यक्षमता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन को एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, वायुसेना, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और एसएसबी जैसी विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय को और मजबूत करने की भी सलाह दी गई। मुख्य सचिव ने सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) गतिविधियों, मॉक ड्रिल और हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमए) के डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्षति की समयबद्ध रिपोर्टिंग के महत्व पर भी जोर दिया। बैठक का समापन राज्य सरकार की आगामी शीतकालीन मौसम के लिए मजबूत तैयारी और प्रदेशवासियों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *