पटना में NEET छात्रा रेप मौत मामले में मंगलवार को लड़की के परिवार ने प्रदर्शन किया। पटना के गांधी मैदान इलाके से CBI का अर्थी जुलूस निकाला गया। इस दौरान जुलूस में शामिल लोग CBI चोर है, सम्राट चौधरी मुर्दाबाद, बिहार सरकार मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। नाराज परिजनों ने जांच एजेंसी का अंतिम संस्कार भी किया। परिजनों का आरोप है कि CBI की ओर से अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई। इस मामले में एजेंसी क्या कर रही हैं? यह किसी को कुछ पता नहीं है। वहीं, प्रोटेस्ट में शामिल हुईं NEET छात्रा की मां ने कहा, CBI मर चुकी है। इसलिए उसकी अर्थी निकालने आई हूं। मेरी बेटी को इंसाफ नहीं मिल रहा है। अर्थी जुलूस की कुछ तस्वीरें… सरकार के इशारे पर काम कर रही CBI प्रदर्शन में शामिल पिंटू शर्मा ने बताया कि CBI सरकार के इशारे पर काम कर रही है। सरकार जैसे बोल रही है, वैसे CBI काम कर रही है। एजेंसी की लापरवाही की वजह से मनीष रंजन को बेल मिल गई। अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। अगर यही चलता रहा तो आने वाले दिनों में सम्राट चौधरी का अर्थी जुलूस निकलेगा। इससे भी बात नहीं बनी तो न्याय दिलाने के लिए 5000 की संख्या हमलोग विधानसभा का घेराव करेंगे’। बता दें कि पटना की NEET छात्रा से रेप और मौत मामले के 5 महीने हो चुके हैं, लेकिन न तो पुलिस और ना ही CBI किसी नतीजे पर पहुंच पाई है। क्या है पूरा मामला? डॉक्टर बनने का सपना लेकर जहानाबाद से पटना आई 17 वर्षीय NEET स्टूडेंट 6 जनवरी 2026 को अपने हॉस्टल में बेहोशी की हालत में मिली थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने के बाद बिहार पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पोस्टमॉर्टम और FSL रिपोर्ट में पूरी बॉडी पर चोटें, प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर इंजरी, फटे कपड़े, खून के छींटे, अंडरगारमेंट पर स्पर्म मिलने की बात सामने आई। बावजूद इसके बिहार पुलिस और SIT अपनी सुसाइड वाली ही थ्योरी पर अड़ी रही। पुलिस और SIT पर सबूत मिटाने और छिपाने, CCTV गायब करने, कपड़े देर से FSL को भेजने के आरोप लगे। 12 फरवरी 2026 को केस CBI को सौंप दिया गया। कोर्ट ने लगातार CBI को फटकार लगाती रही। लेकिन कोई ठीक से जांच रिपोर्ट कोर्ट को नहीं दे सकी। अब छात्रा की मौत के इतने दिन बीत जाने के बाद भी उसकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।