भास्कर न्यूज | अमृतसर नगर निगम अमृतसर के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव का कानूनी विवाद खत्म हो गया है। चुनाव में कथित धक्केशाही का आरोप लगाकर इसे दोबारा करवाने की मांग को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की डबल बेंच में याचिका दायर की गई थी। एक कांग्रेसी पार्षद द्वारा दायर इस याचिका की सुनवाई में पिछले काफी समय से उनके वकील अदालत से गैर-हाजिर चल रहे थे। अंतिम सुनवाई के दौरान भी याचिकाकर्ता की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। मामले की पैरवी में कोई दिलचस्पी न दिखाने पर अदालत ने याचिका को खारिज करने का कदम उठाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केस न चलाने के कारण इस याचिका और इससे जुड़ी अन्य पेंडिंग एप्लीकेशन को निपटाया जा रहा है। इस फैसले से कांग्रेस को झटका लगा है और दोबारा चुनाव करवासत्ता हासिल करने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। गौर हो कि हाई कोर्ट में दायर इस मामले में आरोप लगाया गया था कि मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के समय सत्ताधारी पार्टी (आम आदमी पार्टी) ने धक्केशाही करके अपने उम्मीदवार को मेयर घोषित करवाया है। याचिकाकर्ता का दावा था कि निगम चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी के पास ही बहुमत है, इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से मेयर पद का चुनाव दोबारा करवाया जाए। फिलहाल, हाई कोर्ट द्वारा केस को नॉन-प्रॉसिक्यूशन के आधार पर खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस के पास कानूनी रूप से अभी भी रास्ते बंद नहीं हुए हैं। चूंकि कोर्ट ने मेरिट के आधार पर फैसला नहीं दिया है, इसलिए उनके पास विकल्प बचे हैं। कांग्रेस के पास सबसे व्यावहारिक रास्ता यह है कि वे उसी हाई कोर्ट की डबल बेंच में रिस्टोरेशन एप्लीकेशन दायर करें।