हाईकोर्ट में शुक्रवार को हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के पेंशनर्ज की पेंशन मामले में सुनवाई हुई। जस्टिस संदीप शर्मा ने अशोक पुरोहत व अन्य बनाम स्टेट मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने 19 दिसंबर तक जवाब देने को कहा। याचिकाकर्ताओं ने एडवोकेट के माध्यम से अदालत को बताया कि सभी दस्तावेज और पात्रता होने के बावजूद उन्हें अक्टूबर माह की पेंशन नहीं दी गई। इस पर अदालत ने उम्मीद व भरोसा जताया कि अगली सुनवाई से पहले याचिकाकर्ताओं को अक्टूबर माह की पेंशन जारी कर दी जाएगी। क्या है पूरा मामला? याचिकाकर्ता अशोक पुरहोत समेत कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया कि वित्त विभाग और सम्बंधित कार्यालयों ने अक्टूबर 2025 से पेंशन रोक दी, जबकि न तो उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई और न ही भुगतान रोकने का कोई कानूनी आधार है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से पेंशन तुरंत जारी करने के निर्देश देने की अपील की थी। साथ ही हर महीने समय पर पेंशन देने का आग्रह किया। HRTC पेंशनर को हर महीने समय पर पेंशन नहीं मिल रही है। पूर्व कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट याचिकाकर्ताओं का कहना है कि लगातार पत्राचार और आग्रह के बावजूद पेंशन जारी नहीं की जा रही। इससे बुजुर्ग पूर्व कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट मंदीप चंदेल उपस्थित हुए, जबकि राज्य सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल अनुप रत्तन, एएजी रजन काहोल, विशाल पंवार, डिप्टी एजी रवि चौहान और अनीश बंसटू हाजिर रहे। अदालत में सरकारी वकीलों ने जवाब दाखिल करने के लिए थोड़ा समय मांगा।