कैथल में डीएसपी पर धमकी देने का आरोप लगाने वाले हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू ने अपनी बर्खास्तगी के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने जो करना था, वह कर दिया। अब वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। ऐसे तो किसी भी कर्मचारी को हटा दिया जाएगा। उनको हटाना था, सो हटा दिया, लेकिन अब भी उनके खिलाफ बोला गया तो वे अधिकारियों की पोल-पट्टी खोलने का काम शुरू कर देंगे। अब भी भूखे थोड़े मरेंगे, कमाकर खाएंगे। बोले- अधिकारियों ने बनवाई वीडियो सुनील संधू ने कहा कि उन्हें तो घर का बहीखाता लिखना है, कोई कुछ भी करे। जो भी कानूनी लड़ाई है, वे लड़ेंगे। ऐसे तो कोई भी अधिकारी किसी को बर्खास्त कर देगा। अगर इनको हमारी जरूरत नहीं है तो कोई बात नहीं, भूखे थोड़े मरेंगे, कमाकर खाएंगे। सुनील ने कहा कि उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, वे पूरी तरह से निराधार हैं। उन्होंने आज तक जितनी भी वीडियो नशा मुक्ति अभियान में डाली हैं, वे सभी प्रशासन ने बनवाई हैं। मुझे मेरी जिंदगी जीने दो उन्होंने कहा कि, ये अधिकारियों के ही आदेश थे कि वीडियो बनाओ और लोगों को जागरूक करो। एक ही दिन में पूरी कहानी बदल दी गई। सुनील ने कहा कि अभी तो उनके ऊपर और भी आरोप लगेंगे कि फलां को ये कह दिया, फलां को जूते मारे। ये तो अधिकारियों का काम है। अब जो करना था कर दिया। अगर अब भी उनके खिलाफ बोलेंगे तो वे अधिकारियों की पोल-पट्टी खोलने का काम करेंगे। मुझे मेरी जिंदगी जीने दो। अधिकारियों को बचाने के चक्कर में उप पर आरोप न लगाए जाएं। आरोपों के बाद बर्खास्त बता दें कि, हरियाणा के कैथल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को बर्खास्त कर दिया गया है। शनिवार को SP उपासना सिंह ने बताया कि सुनील संधू ने DSP पर धमकाने के आरोप लगाए थे। उन्हें इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को करने के बजाए सोशल मीडिया पोस्ट की। इससे पुलिस विभाग की छवि खराब हुई। दूसरा, सुनील संधू नशा मुक्ति अभियान के दौरान नशे के साथ आरोपियों को पकड़ने के वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डालते थे, जो कि नियमों के खिलाफ है। अनुशासनहीनता को लेकर सुनील संधू पर कार्रवाई की गई है। सुनील ने डीएसपी पर धमकी का आरोप लगाया था 23 फरवरी को सुनील संधू ने फेसबुक पोस्ट कर कलायत DSP ललित यादव पर नशे के झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। संधू की इस पोस्ट के बाद SP उपासना सिंह ने गुहला DSP कुलदीप बेनीवाल को जांच सौंपी थी। इस विवाद के बाद 2 दिन पहले ही सुनील संधू समेत नशा मुक्ति टीम के 9 सदस्यों को लाइन हाजिर किया गया था। जिला पुलिस मुख्यालय की तरफ से कहा गया कि इन पुलिसकर्मियों ने अनुशासन और नियमों का पालन नहीं किया। अब सुनील को बर्खास्त किया गया है।