अब प्रेगनेंट महिलाओं के साथ पति का HIV-सिफलिस टेस्ट होगा:हरियाणा के वर्किंग स्टाफ के लिए पॉलिसी आएगी, हर साल 12 लाख टेस्ट, SMS अलर्ट आएंगे

हरियाणा सरकार ने HIV-एड्स की बीमारी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब गर्भवती महिलाओं के साथ उनके पति के भी HIV और सिफलिस टेस्ट होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि हर साल लगभग 12 लाख जांच की जाएंगी। इससे HIV और सिफलिस जैसी बीमारियों को मां से बच्चे में फैलने से रोका जा सकेगा, ताकि बच्चे इन बीमारियों से सुरक्षित रहें। शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (HSACS) की 23वीं वर्किंग कमेटी की बैठक में इस पर फैसला हुआ। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) डॉ. सुमिता मिश्रा ने की। मीटिंग में हरियाणा के बड़े संस्थानों में वर्किंग स्टाफ के लिए HIV/एड्स कार्यस्थल नीति लागू करने के निर्देश भी जारी किए गए। इसी के साथ जिन लोगों का HIV/एड्स ट्रीटमेंट चल रहा है, उन्हें अलर्ट मैसेज भेजे जाएंगे। HSACS की बैठक में ये फैसले लिए गए… वर्किंग स्टाफ के लिए पॉलिसी लागू करने के निर्देश मीटिंग में श्रम एवं उद्योग विभाग को सभी बड़े संस्थानों में HIV/एड्स कार्यस्थल नीति लागू करने और CSR गतिविधियों में एचआईवी रोकथाम को शामिल करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने शिक्षा विभाग को सभी सरकारी एवं निजी कॉलेजों में रेड रिबन क्लब स्थापित करने, स्कूलों में किशोर शिक्षा कार्यक्रम लागू करने पर जोर दिया गया। जानिए HIV और सिफलिस क्या है? HIV क्या है? HIV एक ऐसा वायरस है, जो बॉडी के इम्यून सिस्टम पर हमला करता है। ये शरीर की व्हाइट ब्लड सेल्स को टारगेट करता है, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसके कारण टीबी, सीवियर इन्फेक्शन और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अगर HIV का सही समय पर इलाज न किया जाए तो यह एक्वायर्ड इम्यूनोडेफिशिएंसी सिंड्रोम (AIDS) का कारण बन सकता है। सिफलिस: सिफलिस एक गंभीर यौन संचारित संक्रमण (STI) है, जो ट्रेपोनेमा पैलिडम नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंधों के दौरान संक्रमित व्यक्ति के घावों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।

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