अमृतसर के सुल्तानविंड रोड स्थित गोबिंद नगर के को-पायलट स्वराजदीप सिंह की झारखंड में एयर एम्बुलेंस क्रैश होने से मौत हो गई। उनके पास 300 से अधिक घंटों का उड़ान अनुभव था। वह रांची से दिल्ली एक मरीज को लेकर जा रहे थे, लेकिन टेकऑफ के करीब 20 मिनट बाद विमान का संपर्क टूट गया और चतरा में क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई। स्वराजदीप सिंह की शादी दो साल पहले हुई थी और उनका चार महीने का बेटा है। परिवार के अनुसार, उनकी अपने फूफा रणजीत सिंह से फोन पर आखिरी बातचीत हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें काम पर बुलाया जा रहा है और अब जाना पड़ेगा। परिवार को सूचना मिली है कि उनका पार्थिव शरीर बुधवार को उनके घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। इसके बाद को-पायलट का पार्थिव देह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके परिवार में दादा साहिब सिंह, पिता अमरीक सिंह के अलावा माता भाई-भाभी भी हैं। समरिया के जंगलों में क्रैश हुई एयर एम्बुलेंस रेडबर्ड कंपनी का बीचक्राफ्ट किंग एयर B90L एक एयर एम्बुलेंस था। फ्लाइट ने सोमवार शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरी, 7:34 पर एयरक्राफ्ट का कम्युनिकेशन टूट गया। थोड़ी देर बाद प्लेन झारखंड के चतरा जिले के समरिया के जंगलों में क्रैश हो गया। एयर एम्बुलेंस के क्रैश होते ही आग लग गई। प्लेन में कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट), कैप्टन स्वराजदीप सिंह (को-पायलट), संजय कुमार (मरीज), अर्चना देवी (परिजन), धूरू कुमार (परिजन), विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर), सचिन कुमार मिश्रा (पैरामेडिकल स्टाफ) सवार थे। मरीज को इलाज के लिए दिल्ली लेकर जा रहा था विमान रांची के देवकमल हॉस्पिटल के CEO, अनंत सिन्हा ने PTI को बताया कि एयर एम्बुलेंस का इंतजाम एक मरीज ने किया था। उन्होंने कहा, “लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले मरीज संजय कुमार (41) को 16 फरवरी को 65 परसेंट जलने की हालत में हॉस्पिटल लाया गया था। हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। सिन्हा ने आगे कहा कि परिवार वालों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का फैसला किया। मरीज को लगभग 4.30 बजे हॉस्पिटल से दिल्ली के लिए ले जाया गया। शाम को विमान हादसे में मरीज के साथ जा रहे सभी लोगों की मौत हो गई।