पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर नया नहीं है, लेकिन हाल ही में शिरोमणि अकाली दल की नेता और प्रवक्ता रूप कौर संधू ने नवजोत कौर सिद्धू की टिप्पणियों पर तीखा पलटवार किया है। रूप कौर ने न केवल मर्यादा की याद दिलाई, बल्कि तथ्यों के साथ पर्दाफाश करने की चेतावनी भी दी है। दरअसल, डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने शुक्रवार को अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए अध्यक्ष सुखबीर बादल पर कई गंभीर आरोप लगाए और उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए।
अब पढ़िए प्रधान सुखबीर सिंह बादल के बारे क्या बोली थीं नवजोत कौर सिद्धू डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने बादल से सीधे सवाल पूछे और उनकी कार्यशैली पर निशाना साधा था। वीडियो की शुरुआत में डॉ. सिद्धू ने कहा था कि जो भी आपसे टक्कर लेता है, उसे आप जीने के काबिल नहीं छोड़ते। इस बयान के जरिए उन्होंने राजनीतिक दबाव और विरोधियों के साथ कथित व्यवहार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने सुखबीर बादल की संपत्ति को लेकर भी कई सवाल खड़े किए थे। बादल की संपत्ति पर सवाल उठाए गए थे
डॉ. सिद्धू ने आरोप लगाया था कि जब सुखबीर बादल राजनीति में आए थे, तब उनके पास सीमित जमीन थी, लेकिन आज उनकी संपत्तियों का दायरा काफी बढ़ चुका है। उन्होंने जनता से इसका पूरा हिसाब देने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि सरकारी रेस्ट हाउस और पर्यटन स्थलों का कथित तौर पर निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया गया और उन्हें रिश्तेदारों को सौंप दिया गया। इसके अलावा बस परिवहन और माइनिंग सेक्टर में एकाधिकार स्थापित करने के भी आरोप लगाए गए थे। डॉ. सिद्धू ने कहा था कि पंजाब में बस ऑपरेट करने की स्वतंत्रता खत्म कर दी गई और रूट्स पर कब्जा कर लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि राज्य में कारोबार प्रभावित हुआ क्योंकि हर व्यापार में हिस्सेदारी की मांग की जाती थी। सिख समुदाय को न्याय न मिलने का मुद्दा भी उठाया गया था उन्होंने बेअदबी के मामलों का जिक्र करते हुए कहा था कि सिख समुदाय को न्याय नहीं मिला। गुरुद्वारों के फंड के दुरुपयोग और धार्मिक संस्थाओं पर दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। डॉ. सिद्धू ने यह भी दावा किया था कि पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर गलत कार्य करवाए गए और विरोधियों को दबाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने अंत में कहा था कि कई करीबी सहयोगी भी साथ छोड़कर चले गए थे, क्योंकि वे इस कार्यशैली से असहज थे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि वे हर मुद्दे पर जवाब मांगती रहेंगी और आगे भी ऐसे सवाल उठाती रहेंगी।