अमृतसर में अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर:मानांवाला-रखझीतां में ढांचे ध्वस्त, नोटिस के बावजूद नहीं रुका निर्माण कार्य

अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) और पुडा के जिला नगर योजनाकार (रेगुलेटरी) विंग द्वारा जिले में तेजी से विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। गांव मानांवाला और रखझीतां क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग और लिंक रोड के आसपास विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया गया। पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों के तहत यह अभियान चलाया गया, जिसका उद्देश्य बिना अनुमति हो रहे अवैध निर्माण को रोकना है। एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन (आईएएस) और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत (पीसीएस) के निर्देशों के बाद जिला टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) विंग ने यह कार्रवाई की। मौके पर टीम ने निर्माण कार्यों को पूरी तरह बंद करवाते हुए अवैध ढांचों को गिरा दिया। नियमों की अनदेखी कर विकास कार्य जारी रखा
अधिकारियों ने बताया कि इन कॉलोनियों के खिलाफ पहले ही पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (पापरा), 1995 के तहत नोटिस जारी किए जा चुके थे और निर्माण रोकने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद कॉलोनी मालिकों द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए विकास कार्य जारी रखा गया, जिसके चलते यह सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। IIM रोड की कॉलोनी पर दोबारा कार्रवाई
इसके अलावा, IIM को जाने वाली लिंक रोड पर स्थित रखझीतां गांव की एक अवैध कॉलोनी के खिलाफ पहले भी 5 अगस्त 2025 को कार्रवाई की गई थी, लेकिन दोबारा निर्माण शुरू होने पर अब फिर से ध्वस्तीकरण किया गया है। प्रशासन ने साफ किया कि अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस को कानूनी कार्रवाई के लिखा
अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ पापरा एक्ट 2024 के संशोधन के तहत 5 से 10 साल तक की कैद और 25 लाख से 5 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही पुलिस विभाग को भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा जा रहा है। खरीद से पहले जांच करने की प्रशासन की अपील
एडीए ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैध मंजूरी की पूरी जांच करें, ताकि भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों से बचा जा सके।

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