पंजाब के अमृतसर में एक्साइज विभाग से जुड़ी एक गाड़ी द्वारा किए गए हादसे ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। इस दुर्घटना में एक युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। जानकारी के अनुसार, खजान सिंह बाबा का बेटा और उसकी पत्नी मजीठा से अमृतसर की ओर आ रहे थे, तभी एक्साइज विभाग से संबंधित एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में युवक के सिर पर गंभीर चोटें आईं। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत बेहद नाजुक है और वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इलाज का खर्च बहुत अधिक है, जिसे उठाना उनके लिए संभव नहीं है। भारतीय वाल्मीकि आदि धर्म समाज के राष्ट्रीय संचालक सुमित कालिया ने एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) रोहित गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है। 72 घंटे का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद पुलिस की मौजूदगी में समझौता हुआ था कि वाहन मालिक इलाज का पूरा खर्च उठाएंगे, लेकिन अब वे अपने वादे से पीछे हट रहे हैं। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 72 घंटों के भीतर न्याय नहीं मिला तो एक्साइज से जुड़े ठेके बंद करवा दिए जाएंगे और बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल है और अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।