अमृतसर में 23 मार्च को एक विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा, जिसमें हजारों नौजवान हिस्सा लेंगे। यह मार्च नशों के खिलाफ और युवाओं के मुद्दों को उठाने के लिए ‘एकता मिशन पंजाब’ जत्थेबंदी द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह मार्च शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस को समर्पित होगा। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य सिर्फ श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करना है। युवाओं में नशामुक्त संदेश का प्रचार मार्च भंडारी पुल स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से शुरू होकर हेरिटेज स्ट्रीट, टाउन हॉल होते हुए श्री दरबार साहिब के बाहर तक जाएगा। इस दौरान पंजाब की युवा पीढ़ी से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया जाएगा। नशा मुक्त पंजाब बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और युवाओं को नशों से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा। पक्की नौकरियों और शिक्षा सुधार की मांगें इसके साथ ही पक्की नौकरियों की मांग, ठेकेदारी सिस्टम का विरोध और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग भी प्रमुख रूप से उठेगी। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों की स्थिति सुधारने और स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर दिया जाएगा। शहीदों के विचारों को अपनाने का संदेश आयोजकों ने कहा है कि सिर्फ शहीदों की तस्वीरें लगाने से कोई बदलाव नहीं आएगा, जब तक उनके विचारों को अमल में नहीं लाया जाता। यह मार्च युवाओं की आवाज को बुलंद करने और सरकार का ध्यान उनके मुद्दों की ओर आकर्षित करने की एक कोशिश है।