अमेरिकी ट्रेड डील के खिलाफ कुरुक्षेत्र किसान रैली में फैसला:2 अप्रैल को CM सैनी से मीटिंग तय, धान घोटाले पर भी एक्शन होगा

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आज किसान मजदूर जन क्रांति रैली हुई। पंजाब, राजस्थान और यूपी से बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने भारत-यूएस ट्रेड डील और हरियाणा धान घोटाले को लेकर प्रदर्शन किया। हालांकि, डीसी विश्राम कुमार मीणा के आश्वासन पर रैली खत्म की गई। डीसी ने बताया कि अभी लोकसभा सत्र चल रहा है। इसलिए 2 अप्रैल को पहले किसान और हरियाणा सरकार के बीच बातचीत होगी। उसके बाद केंद्र सरकार से बातचीत करवाई जाएगी। इसके अलावा जिले में किसानों पर दर्ज केस पर पॉजिटिव रवैया अपनाया जाएगा। अन्य जिले में भी प्रशासन से बातचीत चल रही है। धान घोटाले पर पहले से कार्रवाई चल रही है। गेहूं की खरीद को लेकर किसानों की मांगों पर काम कर रहे हैं। रैली में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष और किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी वीडियो कॉल पर जुड़े। स्थानीय किसान नेताओं ने बताया कि कुछ दिन पहले ही चढूनी ब्यास नदी स्नान करने गए थे। जहां उनका पैर फिसलने से उन्हें फ्रैक्चर हो गया, इसी कारण वो आए नहीं। इस बीच उन्होंने कहा- पुलिस किसी को भी रैली में आने से रोकने की कोशिश करेगी तो रिजल्ट अच्छे नहीं होंगे। उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह पुलिस पर होगी। साथ ही किसान भी पुलिस से किसी भी बात को लेकर बहस ना करें। वहीं, रैली से पहले जिला पुलिस ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी बल तैनात किया था। अनाज मंडी पिपली के बाहर के पुलिस बेरिकेडिंग और वज्र वाहन तैनात थे। साथ ही रोडवेज की बसें भी तैयार रखी थी। रैली में जुटे किसानों की PHOTOS… भाकियू प्रवक्ता बोले- प्रशासन का पॉजिटिव रवैया देख समय दिया भाकियू प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया कि किसान आर-पार की लड़ाई करने आए थे, लेकिन प्रधान चढूनी को चोट लगने और प्रशासन का पॉजिटिव रवैया देखते हुए समय लिया गया है। इस पर किसानों ने सहमति जताई है। चढूनी ने रैली में पैदल आने को कहा चढूनी ने इससे पहले एक वीडियो जारी किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पुलिस रोके तो उलझना नहीं है, पुलिस चाहे लाठी चलाए, पीटे, गोली मारी या जेल में डाले। कोई भी वापस घर नहीं जाएगा, रैली में पहुंचना ही है। चाहे खेतों से पैदल होकर भी पहुंचना पड़े। ये रैली अमेरिकी ट्रेड डील के खिलाफ है। ये डील किसानों के रोजगार, खेती और पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है।

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