केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 26 फरवरी को अररिया जिले के संभावित दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों की सुरक्षा, विकास और संबंधित मुद्दों पर केंद्रित होगा। जानकारी के अनुसार, गृह मंत्री लगभग छह घंटे तक अररिया में रहेंगे और उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। सुबह 11 बजे अमित शाह अररिया में नेपाल सीमा पर स्थित लेट्टी सीमा चौकी पहुंचेंगे। यहां वे सीमा सुरक्षा को मजबूत करने से संबंधित एक कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद, गृह मंत्री अररिया समाहरणालय जाएंगे। यहां वे सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी), जिलाधिकारियों (डीएम) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ रोकथाम, जनसांख्यिकीय बदलाव और अन्य संवेदनशील विषयों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। बैठक को लेकर समाहरणालय परिसर में साफ-सफाई और रंग-रोगन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। समीक्षा बैठक के उपरांत, अमित शाह वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 से संबंधित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। विकास को बढ़ावा देकर पलायन को रोकना उद्देश्य इस कार्यक्रम का उद्देश्य नेपाल सीमा से सटे गांवों में बुनियादी ढांचे जैसे सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना है। इसका लक्ष्य सीमावर्ती इलाकों में विकास को बढ़ावा देकर लोगों के पलायन को रोकना और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। गृह मंत्री का अररिया प्रवास सुबह 11 बजे से दोपहर लगभग 5 बजे तक निर्धारित है। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय रूप से जुटी हुई हैं। सीमावर्ती जिलों पर रहेगा मुख्य ध्यान प्रशासन ने लेट्टी चौकी और समाहरणालय क्षेत्र में तैयारियां तेज कर दी हैं। यह दौरा सीमांचल क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और विकास योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ रणनीतिक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श होगा, जिसमें गृह मंत्री का मुख्य ध्यान सीमावर्ती जिलों पर रहेगा।