अलीगढ़ के SIG अस्पताल में एनेस्थीसिया की ओवरडोज से महिला टीचर की मौत हो गई। नाराज परिजन ने जमकर हंगामा। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। स्टाफ से हाथापाई की। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। परिजन और अस्पताल प्रशासन से बात कर घटना की जानकारी ली। परिजन को जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर वे शांत हुए। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इलाज में लापरवाही की बात से इंकार किया है। उनका कहना है कि मरीज को पथरी के ऑपरेशन से पहले बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया था। इसके बाद हृदय की गति रुक गई। जिससे उनकी मौत हो गई। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा। घटना रविवार को धौर्रा स्थित SIG अस्पताल की है। 29 मार्च को SIG अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराई थी
सैयद अमजद अली ऊपरकोट में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह जनरल स्टोर की शॉप चलाते हैं। उनकी पत्नी शाइस्ता इश्तियाक (45) अलीगढ़ पब्लिक स्कूल में इंग्लिश टीचर थीं। उनके गॉल ब्लैडर में पथरी थी। शाइस्ता के चचेरे भाई मकसूद ने बताया- रविवार सुबह 9:30 बजे शाइस्ता को ऑपरेशन के लिए क्वार्सी थाना क्षेत्र के SIG अस्पताल लेकर आए थे। डॉक्टर सरफराज ने ऑपरेशन से पहले सुबह 11 बजे मेरी बहन को एनेस्थीसिया दिया। इसके तुरंत बाद 11:15 बजे हालत बिगड़ने लगी। उसके बाद उसने दम तोड़ दिया। उसका ऑपरेशन नहीं हो पाया था। उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। थीएनेस्थीसिया की ओवरडोज से उसकी जान गई है। शिकायत करने जाते समय परिजन से स्टाफ ने की हाथापाई शाइस्ता जब अस्पताल आई थी तो बिल्कुल ठीक थी। इलाज में लापरवाही से उसकी मौत हुई है। जब हम लोगों ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रशासन से करनी चाहिए तो हमें रोक दिया गया। विरोध करने पर अस्पताल स्टाफ ने हमारे साथ हाथापाई भी की। एनेस्थीसिया देने के बाद हृदय गति कम हुई अस्पताल संचालक प्रो. अमजद अली रिजवी का कहना है कि एनेस्थीसिया देने के बाद मरीज की हृदय गति अचानक कम होने लगी थी। डॉक्टरों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी मृत्यु हो गई। डॉक्टर की तरफ से इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई है। परिजन के आरोप बेबुनियाद हैं।
शनिवार को बनाया था रिपोर्ट कार्ड शाइस्ता 12 साल से स्कूल में कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों को अंग्रेजी पढ़ा रही थीं। शनिवार को ही उन्होंने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड तैयार किए थे। PTM में पैरेंट्स से मुलाकात की थी। वह अक्सर कहती थीं कि छोटा सा ऑपरेशन है,कराकर जल्द स्कूल लौटेंगी। उनके दो बच्चे हैं। बेटे ने इसी साल 12वीं और बेटी ने 10वीं की परीक्षा दी है। पुलिस बोली- सीएमओ से कराएंगे जांच वहीं इस मामले में सीओ तृतीय सर्वम सिंह का कहना है कि परिजन की तहरीर प्राप्त हुई है। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। अभी केस दर्ज नहीं किया गया है। मामले की जांच के लिए सीएमओ को बोला गया है। जांच रिपोर्ट आने पर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ बोले- दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई वहीं, सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी का कहना है कि मामला संज्ञान में है। मरीज की मौत कैसे हुई है। जांच रिपोर्ट से इसका पता चल पाएगा। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है। ये खबर भी पढ़ेंः- यूपी PCS का रिजल्ट जारी, नेहा पंचाल टॉपर:अनन्या त्रिवेदी दूसरे नंबर पर; टॉप 10 में 6 लड़कियां; 932 का सेलेक्शन हुआ यूपी पीसीएस 2024 का फाइनल रिजल्ट रविवार रात साढ़े 12 बजे जारी हो गया है। नेहा पंचाल ने टॉप किया है। रायबरेली की अनन्या त्रिवेदी दूसरे और अभय प्रताप सिंह तीसरे नंबर पर हैं। टॉप 10 में 6 लड़कियां हैं। 932 अभ्यर्थियों का सेलेक्शन हुआ है। इनमें 37 डिप्टी कलेक्टर (SDM), 17 पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और 196 असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) बने हैं। पढ़ें पूरी खबर…