अलीगढ़ में अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम और फल विक्रेताओं के बीच मारपीट हो गई। दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चले। इसी दौरान एक फल विक्रेता ने एक कर्मचारी पर लोहे के बाट से हमला कर दिया। इससे उसके सिर में चोटें आई हैं। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन दल के सदस्यों ने ठेले पर लगे छाता को हटाया और फल सड़क पर फेंक दिए। इसके बाद विवाद बढ़ गया और मौके पर करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। घटना के बाद नगर निगम ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और हमला करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। यह घटना सोमवार दोपहर देखिए 3 तस्वीरें.. पढ़िए विस्तार से पूरा मामला… अवैध ठेले हटाने पर हुआ विवाद
करीब 12 बजे नगर निगम का प्रवर्तन दल तस्वीर महल और तिब्बती कॉलेज के पास सड़क किनारे लगे अवैध ठेलों को हटाने पहुंचा था। टीम के पहुंचते ही सड़क किनारे खड़े फलों के ठेलों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस पर दुकानदार उमेर, मजहर और फैजान ने इस कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि एक दिन पहले ही उन्हें इसी स्थान पर खड़े होने के लिए कहा गया था, फिर दोबारा हटाने की कार्रवाई क्यों की जा रही है। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान एक दुकानदार ने गुस्से में लोहे का बाट उठाकर एक कर्मचारी के सिर पर वार कर दिया, जिससे राजेश नाम का कर्मचारी घायल हो गया। घटना के बाद सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामा शांत कराया। तराजू और छतरी हटाने पर बढ़ा विवाद
दुकानदार उमेर ने बताया- यहां पहुंचते ही प्रवर्तन दल के टीम लीडर मुनेश पाल सिंह ने मेरे ठेले से तराजू छीन लिया और उस पर लगी छतरी उखाड़कर फेंक दी। विरोध करने पर उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान वे मेरे फल सड़क पर फेंकने लगे। हमने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। हम रोजे से हैं, क्या जहर खा लें
फल विक्रेता मोहम्मद जाहिद ने बताया- मैं जमालपुर का रहने वाला हूं। करीब 15 साल से तस्वीर महल चौराहे पर ठेला लगा रहा हूं। रविवार को नगर निगम की एक गाड़ी आई थी और नाली के पास ठेला लगाने के लिए कहा गया था। इस पर मैंने नाली के पास ही ठेला लगा लिया। सोमवार दोपहर फिर नगर निगम की टीम पहुंच गई। उन्होंने बिना कोई बात सुने ठेला हटाने को कहा और डंडे मारना शुरू कर दिया। यहां सभी फल विक्रेता रोजा रखे हुए हैं। इसके बावजूद उनके साथ गाली-गलौज की गई और डंडे चलाए गए। टीम जानबूझकर हम लोगों को निशाना बना रही है, जबकि पास की नर्सरी वालों से कुछ नहीं कहा जाता।हम रोजे में हैं, सुबह से भूखे-प्यासे मेहनत कर रहे हैं, कोई चोरी नहीं कर रहे। हमें बस एक तय जगह बता दी जाए, जहां हम अपनी रोजी-रोटी कमा सकें। फ्री के फल नहीं मिलने पर की तोड़फोड़
बवाल की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेता अज्जू इशहाक मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा- नगर निगम की टीम गुंडागर्दी कर रही है। निगम के लोग शाम को ‘फ्री के फल’ और ‘पैसे’ मांगते हैं, और न मिलने पर गरीबों को निशाना बनाते हैं। दोदपुर की सड़क खराब पड़ी है, मेडिकल रोड वीआईपी होने के बावजूद टूटी हुई है, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बस गरीबों को उजाड़ने में लगे हैं। अतिक्रमण के कारण सड़क पर लगता है जाम
प्रवर्तन दल के टीम लीडर मुनेश पाल सिंह ने बताया- सड़क पर अवैध ठेले और रेहड़ी वालों की वजह से जाम की समस्या पैदा होती है। इन्हें दो दिन पहले ही ठेले और रेहड़ियां हटाने के लिए कह दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद इन्होंने अतिक्रमण कर रखा था। जब सोमवार को टीम इन्हें हटाने पहुंची तो ये लोग आक्रोशित हो गए और हमला कर दिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। घटना के बाद सीओ सिविल लाइन सर्वम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बताया- मुनेश पाल सिंह की तहरीर पर उमेर, मजहर और फैजान सहित एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दो लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। ———- ये खबर भी पढ़ें…. महाकाल से लौट रहे यूपी के 4 दोस्तों की मौत:कोटा में कार ट्रक में घुसी, शव बुरी तरह फंसे कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के 4 लड़कों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसा इतना भीषण था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार चारों युवक बुरी तरह से फंस गए थे। पढ़िए पूरी खबर