शहर के हर घर, दुकान और इंस्टीट्यूशंस के लिए 4-टाइप डस्टबिन सिस्टम अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगेगा। यह फैसला मंगलवार को नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। निगम जल्द ही शहर में चेकिंग अभियान शुरू करेगा। अगर किसी घर, दुकान या इंस्टीट्यूशन में मिक्स कचरा पाया गया तो मौके पर ही चालान काटा जाएगा। निगम का कहना है कि इस कदम से वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम बेहतर होगा, रीसाइक्लिंग बढ़ेगी, डंपिंग ग्राउंड पर दबाव कम होगा। केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 लागू कर दिए हैं। इसी वजह से 4-टाइप डस्टबिन सिस्टम इसलिए लागू किया गया है। इससे पहले सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 लागू थे। पुराने नियमों में सिर्फ गीले और सूखे कचरे को ही अलग करने का प्रावधान था। 2017 में 5 लाख डस्टबिन बांटे थे 2016 में वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स आए तो कूड़े को घर पर ही अलग-अलग करना अनिवार्य कर दिया गया था। लोगों के लिए यह पहली बार था, इसलिए निगम ने जागरूकता फैलाने के लिए 2017 में 2.50 लाख घरों में 5 लाख डस्टबिन मुफ्त दिए थे। हर घर को नीला डिब्बा सूखे कचरे और हरा डिब्बा गीले कचरे के लिए दिया था। फरवरी 2026 में रोज फेस्टिवल के उद्घाटन पर प्रशासक ने कहा था कि शहर को साफ रखने के लिए कचरे को अलग करना बहुत जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि हर घर को अलग-अलग रंग के डस्टबिन दिए जाएं ताकि लोग आसानी से कचरा अलग कर सकें। 4 डस्टबिन इसलिए…