अयोध्या राम मंदिर पर हमले की साजिश के आरोप में जेल में बंद अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई। अब्दुल रहमान हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जिला जेल में बंद था। जेल की बैरक के अंदर सह-कैदी अरुण चौधरी ने उस पर नुकीली और पत्थर जैसी किसी वस्तु से हमला कर दिया था। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव गांव पहुंचा है। अब्दुल रहमान की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके पिता अबु बकर और चाचा उस्मान सोमवार को फरीदाबाद पहुंचे थे। पिता और चाचा शव लेकर लगभग 650 किलोमीटर दूर पैतृक गांव मंजनाई पहुंचे हैं। शव देखने के लिए परिजन और रिश्तेदार जमा हुए। अब्दुल रहमान की मां और तीनों छोटी बहनें गहरे शोक में हैं। अब्दुल रहमान मूल रूप से अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के मंजनाई गांव का रहने वाला था। उसे 2 मार्च 2025 को फरीदाबाद के पाली इलाके से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी गुजरात एटीएस और हरियाणा एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में हुई थी। जांच एजेंसियों का आरोप था कि अब्दुल रहमान अयोध्या स्थित राम मंदिर पर हमले की साजिश में शामिल था। उसके पास से ग्रेनेड सहित विस्फोटक सामग्री बरामद होने का दावा भी किया गया था। अब्दुल रहमान के शव को घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल के जवान रात से ही तैनात हैं। क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर अजय सिंह ने कब्रिस्तान से लेकर अब्दुल रहमान के घर तक सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। कब्रिस्तान से लेकर की अब्दुल रहमान के घर तक बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स के जवान तैनात हैं।