अंतर्राष्ट्रीय एंटी खालिस्तानी टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड ने रेल मंत्रालय पर पंजाबी हिंदुओं के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। मंड का आरोप है कि रेलवे ने पंजाब को प्रीमियम धार्मिक कनेक्टिविटी से दूर रखा गया है। मंड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाबी हिंदू श्रद्धालुओं के साथ हो रहे इस भेदभाव को दूर करने की मांग की है। मंड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि पंजाब से हिंदुओं के प्रमुख धार्मिक स्थल हरिद्वार ऋषिकेश के लिए कोई प्रीमियम ट्रेन नहीं चलाई जा रही। उन्होंने पंजाब से हरिद्वार/ऋषिकेश, वाराणसी, उज्जैन और नांदेड़ तक वंदे भारत ट्रेन सेवाएं शुरू करने की मांग की ताकि पंजाब के हिंदू भी प्रीमियम ट्रेनों के जरिए धार्मिक स्थलों तक जा सकें। मंड ने कहा कि हरिद्वार ऋषिकेश रोजाना हजारों लोग पंजाब से जाते हैं और उनके लिए कोई भी प्रीमियम ट्रेन नहीं है। यह समानता के अधिकार का हनन है गुरसिमरन सिंह मंड ने कहा कि अगर पंजाब के हिंदू श्रद्धालुओं के लिए प्रीमियम ट्रेनों की व्यवस्था नहीं की गई तो वो इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह पंजाबी श्रद्धालुओं के समानता के अधिकार का हनन है। उन्होंने कहा कि वो इस संबंध में मानवाधिकार आयोग को भी शिकायत देंगे। उनका कहना है कि पंजाब के हिंदू श्रद्धालु भी आरामदायक सफर करके धार्मिक यात्रा करना चाहते हैं। पंजाब से हरिद्वार-ऋषिकेष के लिए मात्र 3 ट्रेन मंड का कहना है कि हरिद्वार ऋषिकेश पंजाब से रोजाना हजारों लोग जाते हैं। पंजाब के अमृतसर से दो और एक ट्रेन जम्मूतवी से हरिद्वार के लिए जाती हैं। ये ट्रेन हमेशा फुल होकर जाती हैं और बड़ी संख्या में यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाती है। इसके अलावा इन ट्रेनों में प्रीमियम क्लास की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। वंदे भारत जैसी आधुनिक, तेज और आरामदायक सेवा अभी पंजाब से हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर उपलब्ध नहीं है, जबकि दिल्ली-हरिद्वार, दिल्ली-अयोध्या, दिल्ली-प्रयागराज जैसे मार्गों पर वंदे भारत ट्रेनें नियमित चल रही हैं। मंड ने पीएम को लिखे पत्र में रखी ये मुख्य मांगें
1. अमृतसर से हरिद्वार/ऋषिकेश तक वंदे भारत एक्सप्रेस को प्राथमिकता पर तत्काल शुरू किया जाए।
2. पंजाब-ऋषिकेश, पंजाब-वाराणसी, पंजाब-उज्जैन और पंजाब-नांदेड़ के लिए भी वंदे भारत कनेक्टिविटी शुरू की जाए।
3. रेल मंत्रालय से लिखित स्पष्टीकरण कि पंजाब को प्रीमियम धार्मिक रेल सेवाओं से क्यों बाहर रखा जा रहा है।