शैक्षणिक दबाव और परीक्षा के परिणामों का तनाव युवाओं पर किस कदर हावी हो रहा है, इसकी एक बेहद दुखद बानगी पानीपत में देखने को मिली। यहां के एक निजी अस्पताल में गन्नौर के 11वीं कक्षा के छात्र यश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि केमिस्ट्री विषय में कम नंबर आने से यश काफी हताश था, जिसके चलते उसने बीती शाम सुसाइड जैसा खौफनाक कदम उठाया। शनिवार को आया था रिजल्ट, तभी से था हताश जानकारी के अनुसार, गन्नौर के रहने वाले यश का 11वीं कक्षा का वार्षिक परीक्षा परिणाम शनिवार को घोषित हुआ था। यश को उम्मीद से कम नंबर मिले, खासकर केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) के पेपर में अंक कम आने के कारण वह गहरे मानसिक तनाव में चला गया था। परिजनों के अनुसार, रिजल्ट आने के बाद से ही वह गुमसुम और हताश रहने लगा था। बीती शाम लगाया फांसी का फंदा हताशा में आकर यश ने शनिवार शाम को अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। जब परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा, तो तुरंत उसे नीचे उतारा। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद गन्नौर से पानीपत के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। अस्पताल में तोड़ा दम, परिजनों में कोहराम पानीपत के निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने यश को वेंटिलेटर और लाइफ सपोर्ट पर रखा, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंततः उसने दम तोड़ दिया। यश की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने छात्र के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में मामला पढ़ाई के दबाव और परीक्षा में कम नंबर आने के कारण आत्महत्या का लग रहा है। फिर भी हर पहलू से जांच की जा रही है। विशेषज्ञों की सलाह- अंक सब कुछ नहीं इस घटना ने एक बार फिर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चा छेड़ दी है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों पर अंकों के लिए दबाव बनाने के बजाय उन्हें विफलताओं से लड़ना सिखाना जरूरी है। परीक्षा का परिणाम जीवन का अंतिम परिणाम नहीं होता।